पश्चिम बंगाल

समुद्र किनारे जाने पर रोक, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

Saba Naaz
10 July 2026 2:50 PM IST
समुद्र किनारे जाने पर रोक, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मानसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कोलकाता समेत पूरे दक्षिण बंगाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 13 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। बंगाल की खाड़ी और आसपास बने मौसम तंत्र के प्रभाव से दक्षिण बंगाल में बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना जताई गई है।

कोलकाता और आसपास के जिलों में गुरुवार रात से ही बारिश की तीव्रता बढ़ गई थी। शाम के बाद शुरू हुई बारिश पूरी रात जारी रही और शुक्रवार सुबह भी कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल बारिश से राहत मिलने की संभावना कम है।

दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। हावड़ा, हुगली और पूर्वी बर्धमान में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मुर्शिदाबाद, नदिया, बांकुड़ा, पुरुलिया और झाड़ग्राम जैसे जिलों में भी लगातार बारिश का अनुमान है। उत्तर बंगाल के कई इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है।

बारिश की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दमदम में शुक्रवार सुबह तक 96.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि अलीपुर में 36.7 मिलीमीटर बारिश हुई। उत्तर बंगाल के कूच बिहार में 143 मिलीमीटर और अलीपुरद्वार में 112 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में पानी जमा होने लगा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत चक्रवाती सिस्टम के कारण दक्षिण बंगाल में 13 जुलाई तक बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बिना जरूरी काम के घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए तटीय इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दीघा समेत कई समुद्री क्षेत्रों में लोगों के समुद्र में जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस ने माइक के जरिए पर्यटकों, स्थानीय लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की अपील की है। मछुआरों को 12 जुलाई तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

पूर्वी मिदनापुर जिला पुलिस ने दीघा, दीघा मोहना और मंदारमनी जैसे तटीय क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू कर दी है। प्रशासन ने समुद्र में तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

लगातार बारिश का असर नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। झाड़ग्राम जिले में बहने वाली सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी में उफान आने के कारण नयाग्राम ब्लॉक के कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। देउलबार और गर्धरा गांवों को जोड़ने वाला फेयर वेदर ब्रिज नदी की तेज धारा में डूब गया है, जिससे लोगों की आवाजाही बाधित हो गई है।

स्थानीय लोगों में नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को डर है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो बांधों पर दबाव बढ़ सकता है और कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों से लगातार जारी चेतावनियों पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की अपील की है।

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