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West Bengal के फलता में सुरक्षा की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध, सड़क जाम और तनावपूर्ण स्थिति

West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र में शनिवार को वोटों की गिनती के बाद सुरक्षा की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें स्थानीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं की ओर से जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, जिसके चलते क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
प्रदर्शन में महिलाओं की भी बड़ी संख्या शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झंडे हाथों में लेकर हासिमनगर गांव में मुख्य सड़क को जाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और कथित धमकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय पंचायत प्रधान इसराफ़िल, जो TMC उम्मीदवार जहाँगीर खान के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं, ने उन्हें चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हमले की धमकियाँ दी हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद से ही इलाके में तनाव बढ़ गया है और उन्हें लगातार डराया जा रहा है।
स्थिति के गंभीर होने पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के डिप्टी कमांडेंट भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की और कहा कि उनकी शिकायतों को उचित चैनलों के माध्यम से दर्ज कर जांच की जाएगी।
VIDEO | South 24 Parganas, West Bengal: Residents of Hasimnagar allege harassment by TMC workers.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 2, 2026
A voter says, "This has been happening since yesterday. TMC goons entered our village, harassed women and beat up people. The head of our gram panchayat is from TMC and he is not… pic.twitter.com/OSAbzhrDkh
प्रदर्शन के कारण इलाके में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और स्थानीय लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही, आरोपों की जांच की जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना ने एक बार फिर चुनाव के बाद ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक तनाव और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें पूर्ण सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा, वे अपना विरोध जारी रख सकते हैं।
फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है, जबकि सुरक्षा बल लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।





