पश्चिम बंगाल

भारत दौरे पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, Kolkata से हुई यात्रा की शुरुआत

Kavita2
23 May 2026 12:41 PM IST
भारत दौरे पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, Kolkata से हुई यात्रा की शुरुआत
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West Bengal वेस्ट बंगाल: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को भारत दौरे की शुरुआत कोलकाता से की। उन्होंने कोलकाता में मदर टेरेसा के मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी के हाउस का दौरा किया और इसके बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। माना जा रहा है कि उनके इस दौरे के साथ भारत-अमेरिका संबंधों पर उच्च स्तरीय कूटनीतिक बातचीत की औपचारिक शुरुआत हुई है।

रुबियो के भारत दौरे को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मिशन के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें कई संवेदनशील और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। उनका कार्यक्रम केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आगरा और जयपुर का दौरा भी शामिल है, जहां वे विभिन्न सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण करेंगे।

कोलकाता में अपने दौरे के दौरान रुबियो ने मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी के केंद्र का भ्रमण किया, जिसे मदर टेरेसा द्वारा स्थापित किया गया था। इस यात्रा को मानवीय और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो उनके दौरे के पहले चरण का हिस्सा रही।

कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि रुबियो का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पिछले वर्ष भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में कुछ अस्थिरता देखी गई थी। टैरिफ नीतियों में बदलाव और अमेरिकी विदेश नीति में आए उतार-चढ़ाव के कारण दोनों देशों के रिश्तों में कुछ तनाव की स्थिति बनी थी।



सूत्रों के अनुसार, रुबियो का यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। उनकी चर्चा के एजेंडे में व्यापार, सुरक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक रणनीतिक मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं।

कूटनीतिक हलकों में इसे एक हाई-स्टेक्स डिप्लोमैटिक मिशन के रूप में देखा जा रहा है, जहां कई जटिल मुद्दों पर बातचीत होनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ कुछ विवादित मुद्दों को भी सुलझाने की कोशिश की जाएगी।

नई दिल्ली में उनके आगमन के बाद शीर्ष भारतीय नेतृत्व के साथ उनकी बैठकें प्रस्तावित हैं, जहां द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति और भविष्य की दिशा पर चर्चा होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, मार्को रुबियो का यह भारत दौरा न केवल औपचारिक कूटनीतिक यात्रा है, बल्कि इसे भारत-अमेरिका संबंधों को एक स्थिर और मजबूत दिशा देने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

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