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TMC के पूर्व जिला अध्यक्ष की पेशी के दौरान बवाल, पुलिस ने संभाला मोर्चा

कूचबिहार : पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अभिजीत दे भौमिक की कोर्ट पेशी के दौरान गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किए गए अभिजीत दे भौमिक को कड़ी सुरक्षा के बीच कूचबिहार कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध जताते हुए उन पर अंडे भी फेंके।
जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दे भौमिक को बुधवार दोपहर बागडोगरा से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कोर्ट परिसर में पहले से ही भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। इसके बावजूद जैसे ही अभिजीत दे भौमिक कोर्ट परिसर पहुंचे, वहां मौजूद लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने अभिजीत को देखते ही ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब कुछ लोगों ने उन पर अंडे फेंक दिए। हालांकि पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और उन्हें सुरक्षित तरीके से अदालत के अंदर पहुंचाया।
अभिजीत दे भौमिक को कोर्ट में पेश करने के दौरान उन्हें हेलमेट पहनाया गया था। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। कोर्ट परिसर में मौजूद भीड़ के आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई थी।
सूत्रों के अनुसार, हाल के चुनावों के बाद अभिजीत दे भौमिक सार्वजनिक गतिविधियों से काफी दूर दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कुछ समय पहले सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का संकेत भी दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ कई मामलों से जुड़ी जानकारियां सामने आईं।
बताया जा रहा है कि धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की है। हालांकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
अभिजीत दे भौमिक कभी कूचबिहार जिला तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी गतिविधियों में उनकी सक्रियता कम हो गई थी। अब गिरफ्तारी और कोर्ट पेशी के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है। फिलहाल अदालत की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।





