पश्चिम बंगाल

पानीहाटी सीट पर कड़ा मुकाबला, BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ आगे

Kavita2
4 May 2026 11:36 AM IST
पानीहाटी सीट पर कड़ा मुकाबला, BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ आगे
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West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल की पानीहाटी विधानसभा सीट पर मतगणना के शुरुआती रुझानों में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ, जो आरजी कर रेप और मर्डर मामले की पीड़िता की मां हैं, इस सीट पर आगे चल रही हैं। इस चुनाव ने पूरे क्षेत्र में भावनात्मक और राजनीतिक माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

पानीहाटी सीट उत्तर 24 परगना जिले में आती है और लंबे समय से यह सीट तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मजबूत गढ़ रही है। वर्ष 2011 से यहां TMC के विधायक निर्मल घोष का दबदबा रहा है। लेकिन इस बार के चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

रत्ना देबनाथ ने इस बार चुनाव लड़ने का फैसला महिलाओं की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लिया था। आरजी कर मामले के बाद राज्यभर में हुए विरोध और गुस्से ने इस चुनाव को और भी संवेदनशील बना दिया।

इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय और बहुकोणीय है, जहां BJP की रत्ना देबनाथ के अलावा TMC के तीर्थंकर घोष, CPI(M) के कलातन दासगुप्ता और निर्दलीय उम्मीदवार साधना चक्रवर्ती भी मैदान में हैं। सभी उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है, लेकिन शुरुआती रुझानों में रत्ना देबनाथ की बढ़त चर्चा का विषय बनी हुई है।

चुनाव प्रचार के दौरान 8 अप्रैल को रत्ना देबनाथ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि राज्य की मुख्यमंत्री और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री होने के बावजूद उनकी बेटी को न्याय क्यों नहीं मिल पाया। उन्होंने ANI से बातचीत में भावुक बयान देते हुए कहा था कि उनकी मुख्य लड़ाई ममता बनर्जी के खिलाफ है।

उन्होंने यह भी कहा था कि वह न्याय मिलने तक अपने जीवन में प्रतीकात्मक विरोध जारी रखेंगी और यहां तक कि उन्होंने कहा था कि वह अपने बालों में कंघी नहीं करेंगी जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता। उनके इस बयान ने पूरे चुनावी माहौल को भावनात्मक बना दिया था।

पानीहाटी में चुनाव प्रचार के दौरान भारी भीड़ और समर्थन देखने को मिला था। रत्ना देबनाथ ने दावा किया था कि जनता उनके साथ है और लोग बदलाव चाहते हैं। वहीं TMC की ओर से भी अपनी पकड़ बनाए रखने की पूरी कोशिश की गई थी।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह चुनाव केवल एक राजनीतिक मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक भावनात्मक और सामाजिक मुद्दे का रूप ले चुका है। आरजी कर मामले के बाद उठे जन आक्रोश का असर इस सीट के मतदान पर साफ दिखाई दे रहा है।

हालांकि अभी मतगणना पूरी नहीं हुई है और अंतिम परिणाम आना बाकी है, लेकिन शुरुआती रुझानों में रत्ना देबनाथ की बढ़त ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।

अब सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि पानीहाटी की सीट पर जनता ने किसे समर्थन दिया है और क्या यह रुझान राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है या नहीं।

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