पश्चिम बंगाल

कोलकाता में TMC का प्रदर्शन रोका कुणाल घोष ने पुलिस पर लगाए आरोप

Ratna Netam
13 Oct 2026 9:26 PM IST
कोलकाता में TMC का प्रदर्शन रोका  कुणाल घोष ने पुलिस पर लगाए आरोप
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के छात्र और युवा संगठनों के विरोध प्रदर्शन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को टीएमसी नेता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के आयोजन की जानकारी पहले ही ईमेल के माध्यम से पुलिस को दे दी गई थी, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है। घोष ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के अधिकार पर रोक लगाने का प्रयास बताया।कोलकाता में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।कुणाल घोष ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसका उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था।उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन से पहले पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद मंगलवार सुबह से ही कई रास्तों पर पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात कर दिया गया।
पुलिस को ईमेल से दी थी जानकारी
कुणाल घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के छात्र और युवा संगठनों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया था।उन्होंने बताया कि आयोजकों ने नियमों का पालन करते हुए पुलिस को पहले ही ईमेल भेजकर कार्यक्रम की सूचना दी थी।घोष ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों को बंद कर दिया।उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे, उन्हें रास्ते में ही रोका जा रहा था। टीएमसी नेता के मुताबिक, उत्तर और मध्य कोलकाता के कई हिस्सों में कार्यकर्ताओं की आवाजाही प्रभावित हुई।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगे नारे
प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए।कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची से संबंधित कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की।कुणाल घोष ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होने से भाजपा असहज है।घोष ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने भाजपा को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां कीं। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव आयोग और भाजपा चुनावी पक्षपात के आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
रास्ता रोके जाने के बाद भी जारी रहा प्रदर्शन
कोलकाता में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी।रिपोर्ट के अनुसार, विरोध मार्च राजाबाजार से पार्क सर्कस तक प्रस्तावित था। हालांकि, सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उसी स्थान पर सभा आयोजित कर विरोध दर्ज कराया।प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उन्होंने एसआईआर के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर अपनी आपत्तियां व्यक्त कीं।पुलिस की कार्रवाई को लेकर टीएमसी नेताओं ने सवाल उठाए, लेकिन संबंधित सुरक्षा अधिकारियों की ओर से रास्ते रोकने के विशिष्ट कारणों का विस्तृत बयान उपलब्ध नहीं था।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर विवाद
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं।कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची में त्रुटियों और अपात्र प्रविष्टियों को ठीक करना है।आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से छूट गए हैं, उनके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा नाम शामिल कराने की व्यवस्था है
दिल्ली के बाद कोलकाता में तेज हुआ विरोध
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिल्ली सहित विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।विपक्षी दलों के नेता चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।कोलकाता में मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कुणाल घोष ने कहा कि टीएमसी का आंदोलन शांतिपूर्ण है और कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराना चाहते हैं।उन्होंने पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति मिलनी चाहिए।फिलहाल प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। टीएमसी ने चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने और अपने कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग दोहराई है।
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