पश्चिम बंगाल

TMC कूच बिहार जिलाध्यक्ष ने BLO को धमकाया, चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की आशंका

SHIDDHANT
1 Nov 2025 12:22 AM IST
TMC कूच बिहार जिलाध्यक्ष ने BLO को धमकाया, चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की आशंका
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कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) को एक गंभीर पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कूच बिहार जिला अध्यक्ष गिरींद्रनाथ बर्मन ने चुनाव प्रक्रिया में दखल देने की कोशिश की है। पार्टी के पत्र में दावा किया गया है कि बर्मन ने खुलेआम BLO (Booth Level Officer) को धमकी दी और अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि वे 2000 की पूरी मतदाता सूची लेकर नहीं आते तो उन्हें बांध दिया जाएगा। BJP ने यह घटना चुनाव आचार संहिता और मतदान की निष्पक्षता के लिए गंभीर खतरा बताया है। पत्र में BJP ने कहा है कि ऐसे दबाव और धमकियों से चुनाव कर्मचारियों का मनोबल टूटता है और वे अपना संवैधानिक कर्तव्य स्वतंत्रता से नहीं निभा पाते। पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों से मांग की है कि वे इस मामले की तत्काल जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुरक्षित रहे।
BJP के पत्र में यह भी कहा गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित BLO की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें निष्पक्ष रूप से कार्य करने के लिए हर तरह का संरक्षण प्रदान किया जाए। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अनुरोध किया है कि कूच बिहार में तैनात सभी चुनाव कर्मचारियों की निगरानी बढ़ाई जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल फायरिंग स्क्वॉड या निगरानी दल भेजे जाएं। राजनीतिक-सूत्रों के अनुसार, BJP ने इस पत्र के साथ कथित घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और कुछ वीडियो/फोटो भी संलग्न किए हैं — जिनका हवाला पार्टी ने अपने पत्र में दिया है। पत्र में कहा गया है कि यदि निर्वाचन आयोग ने सख्ती नहीं दिखाई तो यह स्थिति केवल एक isolated घटना नहीं रहेगी बल्कि चुनावी हिंसा और दबाव की एक श्रृंखला बन सकती है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक रूप से नहीं आया है। पार्टी के स्थानीय नेताओं ने फोन पर संपर्क करने पर कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही अपना उत्तर देंगे। वहीं, गिरींद्रनाथ बर्मन के प्रतिनिधियों ने भी फिलहाल सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि आवश्यक होने पर वे कानूनी कदम उठा सकते हैं। निर्वाचन प्रशासन ने भी इस पत्र की जानकारी होने की पुष्टि की है परन्तु आधिकारिक तौर पर अभी कोई आदेश या कार्रवाई की घोषणा नहीं की गयी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा कि आयोग आरोपों की जांच के लिए संबंधित जिलाधिकारी और अधीनस्थ अधिकारियों से रिपोर्ट मांगेगा और यदि आवश्यक हुआ तो स्थानीय सुरक्षा व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल में ऐसी शिकायतें गंभीर होती हैं और चुनाव आयोग को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए त्वरित तथा निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। BLOs और अन्य चुनाव कर्मचारियों की सुरक्षा तथा उनकी निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग के पास कानूनी और प्रशासनिक उपाय मौजूद हैं, जिनका प्रयोग इस प्रकार के मामलों में आवश्यकतानुसार किया जा सकता है। इस विवाद के बीच कूच बिहार जिले में राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है और दोनों पक्षों के कार्यकर्ता चुनावी तैयारियों को लेकर सक्रिय रूप से सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। अगले कुछ दिनों में निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।
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