- Home
- /
- राज्य
- /
- पश्चिम बंगाल
- /
- विधानसभा में बोले CM,...
विधानसभा में बोले CM, कानून का राज स्थापित करने का किया दावा

Kolkata कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने सदन में कहा कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार कानून का राज स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। इस दौरान उन्होंने एजेयूपी (AJUP) विधायक हुमायूं कबीर पर रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के उद्देश्य से कथित रूप से भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी सदन में उठाए गए एक प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के जवाब में की। उन्होंने कहा कि हुमायूं कबीर द्वारा मुख्यमंत्री और राज्य की सरकारी व्यवस्था के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लिया गया है। सरकार इस प्रकार के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की भड़काऊ या समाज में तनाव पैदा करने वाली बयानबाजी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सुवेंदु अधिकारी ने सदन को बताया कि हुमायूं कबीर के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस स्वतंत्र रूप से मामले की जांच कर रही है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां कानून के दायरे में रहकर अपना काम करेंगी और सरकार किसी भी जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। यदि कोई जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल चुनाव के दौरान धार्मिक, सामाजिक या अन्य आधारों पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने का प्रयास करता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखे हुए है।
हुमायूं कबीर हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मुर्शिदाबाद जिले की नौडा और रेजिनगर दोनों विधानसभा सीटों से निर्वाचित हुए थे। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने नौडा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का निर्णय लिया और उसी सीट से विधायक के रूप में शपथ ली। इसके बाद रेजिनगर सीट खाली हो गई, जिससे वहां उपचुनाव कराए जाने का रास्ता साफ हुआ।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि रेजिनगर उपचुनाव से पहले दिए गए कुछ बयानों का उद्देश्य मतदाताओं को प्रभावित करना और सामाजिक विभाजन पैदा करना था। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए और कानून का सम्मान करना चाहिए।
विधानसभा में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कुछ समय तक बहस भी हुई। विपक्षी सदस्यों ने सरकार के आरोपों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं, जबकि सत्ता पक्ष ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया। हालांकि, सदन की कार्यवाही बाद में सामान्य रूप से आगे बढ़ी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में दोहराया कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
फिलहाल हुमायूं कबीर के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच जारी है। पुलिस की ओर से अभी तक जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। वहीं, राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा जारी है और रेजिनगर उपचुनाव से पहले यह मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच और चुनावी गतिविधियों के साथ इस मामले पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।





