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ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण, PM Modi और अमित शाह होंगे शामिल

West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के संकेत के बीच शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। यह समारोह एक विशाल सार्वजनिक रैली के रूप में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के पास किया जाएगा। इसे राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने की प्रतीकात्मक घटना के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे पश्चिम बंगाल की सत्ता में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड को राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक महत्व वाला स्थल माना जाता है, जहां पहले भी कई बड़ी राजनीतिक रैलियां हो चुकी हैं। इसी मैदान पर 25 नवंबर 1992 को ममता बनर्जी ने भी यूथ कांग्रेस नेता के रूप में एक बड़ी रैली को संबोधित किया था, जिसे उस समय लेफ्ट फ्रंट सरकार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा गया था। बाद में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था।
इस बार भाजपा ने अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए इसी ऐतिहासिक स्थान को चुना है, जिसे राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी इस आयोजन के माध्यम से राज्य की राजनीतिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से खुद को जोड़ने का संदेश देना चाहती है।
विशेष बात यह भी है कि यह शपथ ग्रहण समारोह उस दिन आयोजित किया जा रहा है, जब पश्चिम बंगाल में महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती मनाई जा रही होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तारीख का चयन राज्य की सांस्कृतिक भावनाओं और परंपराओं के साथ जुड़ाव दर्शाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा की ओर से इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह शपथ ग्रहण समारोह केवल सत्ता परिवर्तन का औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि इसे भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के बड़े संदेश के रूप में देखा जाएगा।
फिलहाल पूरे राज्य में इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है और सभी की नजरें इस समारोह पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।





