पश्चिम बंगाल

सुवेंदु अधिकारी का बड़ा राजनीतिक फैसला: नंदीग्राम छोड़कर भवानीपुर सीट से रहेंगे MLA

Kavita2
13 May 2026 3:04 PM IST
सुवेंदु अधिकारी का बड़ा राजनीतिक फैसला: नंदीग्राम छोड़कर भवानीपुर सीट से रहेंगे MLA
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West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी घोषणा के अनुसार भवानीपुर विधानसभा सीट पर बने रहने और नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया। इस निर्णय के साथ ही राज्य की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ आ गया है।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। परंपरा और चुनावी नियमों के अनुसार, दो सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद किसी एक सीट को छोड़ना आवश्यक होता है। इसी क्रम में उन्होंने नंदीग्राम सीट को छोड़ने का निर्णय लिया है।

बुधवार (13 मई) को उन्होंने भवानीपुर सीट से विधायक के रूप में राज्य विधानसभा में शपथ भी ली। इस दौरान राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अपने बयान में सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम के लोगों के लिए उनकी जिम्मेदारी बनी रहेगी, भले ही वे उस सीट का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “नंदीग्राम से (उपचुनाव में) कोई और विधायक चुना जाएगा, लेकिन मैं अगले पांच सालों तक वहां के लोगों को अपनी कमी महसूस नहीं होने दूंगा।”

उनके इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि नंदीग्राम सीट पर जल्द ही उपचुनाव कराया जाएगा, जिसमें नया प्रतिनिधि चुना जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव राज्य की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

भवानीपुर सीट पर बने रहने का निर्णय भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सीट राज्य की प्रमुख राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र मानी जाती है। सुवेंदु अधिकारी का यह कदम उनके राजनीतिक रणनीतिक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है।

विधानसभा में शपथ ग्रहण के दौरान उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। वहीं विपक्षी दलों ने इस फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि यह निर्णय पहले से तय राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जबकि अन्य इसे प्रशासनिक संतुलन से जोड़कर देख रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, नंदीग्राम सीट छोड़ने से वहां उपचुनाव की स्थिति बनेगी, जो आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। साथ ही भवानीपुर सीट पर उनकी मौजूदगी से राज्य की सत्ता संतुलन पर भी असर पड़ सकता है।

फिलहाल, सुवेंदु अधिकारी के इस फैसले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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