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Bangal बंगाल: सियासत एक बार फिर गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार किया। दुर्गापुर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “अगर ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनी रहीं, तो राज्य की स्थिति और भी बदतर होती जाएगी। उन्होंने तुष्टिकरण की सारी सीमाएं लांघ दी हैं — अब तो मां काली को भी जेल वैन में कैद कर दिया गया है। अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता सरकार धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है और वोट बैंक की राजनीति के लिए हिंदू आस्थाओं का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि “पहले तुष्टिकरण के नाम पर त्योहारों पर रोक लगाई गई, अब देवी-देवताओं का अपमान किया जा रहा है। यह बंगाल नहीं, ममता बनर्जी की राजनीति का नाटक बन चुका है।”
“भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा ने राज्य को खोखला कर दिया”
भाजपा नेता ने आगे कहा कि ममता सरकार के तहत भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा का बोलबाला है। उन्होंने कहा, “पंचायत चुनावों से लेकर शहरी निकायों तक, हर जगह तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आतंक मचा रखा है। विपक्षी कार्यकर्ताओं की हत्याएं आम बात हो गई हैं और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है और अगर जनता अब भी चुप रही, तो आने वाले वर्षों में राज्य पूरी तरह अराजकता में डूब जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ही वह विकल्प है जो बंगाल को “वास्तविक परिवर्तन” दे सकती है।
“भत्ता बांटने और दिखावटी योजनाओं से नहीं चलता शासन”
तृणमूल कांग्रेस की योजनाओं को लेकर अधिकारी ने व्यंग्य करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री आजकल केवल भत्ते बांटने और योजनाओं के नाम पर वोट हासिल करने में लगी हैं। राज्य के खजाने पर बोझ डालकर वह राजनीतिक लाभ ले रही हैं। यह सरकार जनता के टैक्स के पैसे से राजनीतिक प्रचार चला रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों की भलाई के नाम पर जो योजनाएं चलाई जा रही हैं, वे वास्तव में “घोटाले और दलाली का माध्यम” बन चुकी हैं। अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य में रोजगार, उद्योग और शिक्षा की स्थिति लगातार गिर रही है, जबकि सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है।
“ममता बनर्जी की राजनीति अब धर्म के खिलाफ हो चुकी है”
सुवेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में कहा कि ममता बनर्जी की राजनीति अब विकास या प्रशासन से आगे बढ़कर “धर्म विरोधी एजेंडा” बन चुकी है। उन्होंने कहा कि “मां काली बंगाल की आत्मा हैं। लेकिन अब उन्हें भी राजनीतिक हथकंडों का प्रतीक बना दिया गया है। यह अपमान सिर्फ हिंदुओं का नहीं, बल्कि पूरे बंगाल की संस्कृति का है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ता राज्यभर में घर-घर जाकर लोगों को ममता सरकार की “विफलताओं और तुष्टिकरण नीतियों” के बारे में बताएंगे। अधिकारी ने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी।
टीएमसी ने किया पलटवार
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने अधिकारी के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि “सुवेंदु अधिकारी अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाने के लिए झूठ और नफरत फैला रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हमेशा बंगाल की संस्कृति, मां काली और दुर्गा की परंपराओं का सम्मान किया है। भाजपा नेताओं को केवल राजनीति करनी है, इसलिए वे धार्मिक भावनाओं को भड़का रहे हैं।”
जनसभा में भारी भीड़, भाजपा ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन
दुर्गापुर की इस जनसभा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। अधिकारी ने लोगों से राज्य में “सच्चे परिवर्तन” के लिए भाजपा के साथ आने की अपील की। सभा के दौरान “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारे गूंजते रहे।
सुवेंदु अधिकारी ने अंत में कहा, “बंगाल का भविष्य अब जनता के हाथ में है। या तो हम इस तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म करेंगे, या फिर अपनी संस्कृति और अस्मिता को खो देंगे।
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