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पश्चिम बंगाल
फ्री फिलिस्तीन नारों पर भड़के शुभेंदु अधिकारी बोले PoK की बात करो
Ratna Netam
29 Aug 2026 5:29 PM IST

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और फिलिस्तीन को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री **शुभेंदु अधिकारी** ने कुछ विरोध प्रदर्शनों में लगाए जा रहे नारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि भारत विरोधी नारे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और लोगों को देश के हितों को सबसे ऊपर रखना होगा।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति भारत में रहकर देश की एकता और अखंडता के खिलाफ नारे लगाता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारों पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसे मामलों में सरकार सख्ती से निपटेगी।
फ्री फिलिस्तीन’ के नारों पर उठाए सवाल
शुभेंदु अधिकारी ने कुछ स्थानों पर लगाए गए ‘फ्री फिलिस्तीन’ जैसे नारों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में किसी दूसरे देश के समर्थन में झंडे या नारे लगाने से पहले यह सोचना चाहिए कि इससे देश की सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर क्या असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि लोगों को प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती। अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध और देश की संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों में अंतर समझना जरूरी है।
PoK को लेकर दिया बड़ा बयान
भाजपा नेता ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को लेकर कहा कि आने वाले समय में PoK भारत का हिस्सा बनेगा। उन्होंने दावा किया कि भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हालांकि PoK को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। भारत का आधिकारिक रुख है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, जबकि पाकिस्तान इस क्षेत्र पर अपना दावा करता रहा है।
‘देश पहले’ की नीति पर जोर
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत की संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देने वाले नारों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विश्वविद्यालयों में नारों को लेकर विवाद
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में कुछ विश्वविद्यालय परिसरों में लगाए गए नारों को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। अधिकारी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में विचारों की स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए जो देश की एकता को नुकसान पहुंचाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं को भड़काने की कोशिश करते हैं। अधिकारी ने कहा कि सरकार ऐसे मामलों पर नजर रख रही है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद विपक्षी दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि भाजपा राष्ट्रवाद के मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। वहीं भाजपा का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की अखंडता सर्वोपरि है।
PoK मुद्दा क्यों है संवेदनशील?
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे पुराने विवादों में से एक है। 1947 के बाद से यह क्षेत्र दोनों देशों के बीच तनाव का कारण रहा है।
भारत लगातार कहता रहा है कि पाकिस्तान ने अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र पर कब्जा किया हुआ है। वहीं पाकिस्तान इस क्षेत्र को विवादित बताता है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा तापमान
पश्चिम बंगाल में आने वाले समय में राजनीतिक मुकाबला और तेज होने की संभावना है। भाजपा और विपक्षी दल राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर आमने-सामने हैं।
शुभेंदु अधिकारी लगातार राष्ट्रवाद, सुरक्षा और घुसपैठ जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं। वहीं विपक्ष इन मुद्दों को लेकर भाजपा पर राजनीतिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाता रहा है।
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