पश्चिम बंगाल

सुवेंदु अधिकारी का ममता सरकार पर हमला, कहा- बारिश नहीं, यह नेतृत्व की विफलता

SHIDDHANT
23 Sept 2025 9:57 PM IST
सुवेंदु अधिकारी का ममता सरकार पर हमला, कहा- बारिश नहीं, यह नेतृत्व की विफलता
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West Bengal पश्चिम बंगाल: भारी बारिश और जलजमाव के हालात को लेकर राज्य के विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि सरकार की पूरी तरह से विफल तैयारी और लापरवाही का नतीजा है। सुवेंदु अधिकारी ने अपने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "एक बार फिर पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी की नाकाम सरकार की वजह से पीड़ित हो रही है। शर्मनाक बात यह है कि ममता बनर्जी इसे 'अचानक हुई बारिश' बता रही हैं, जो सीधे तौर पर उनकी नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि आईएमडी ने पहले ही गंगा बेल्ट वाले पश्चिम बंगाल क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसमें बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद सरकार ने कोई तैयारी नहीं की। उन्होंने कहा, "आईएमडी की चेतावनी सार्वजनिक थी, लेकिन ममता बनर्जी, फिरहाद हाकिम और बिजली मंत्री अरूप बिस्वास कुछ नहीं कर सके। नतीजा ये हुआ कि लोग बाढ़ में डूबे, करंट लगने से जानें गईं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।"
उन्होंने इसे 'ईश्वर की मर्जी' कहकर टालने की कोशिश को गलत बताया और कहा कि यह पूरी तरह से 'नेतृत्व की विफलता' है।
सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के उस बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने जलजमाव का कारण बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से आए पानी को बताया था। इस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यह कहना कि पानी बाहर के राज्यों से आया है या फरक्का एवं डीवीसी द्वारा ठीक से ड्रेजिंग नहीं हुई, एक बेहद कमजोर और बेतुका बहाना है। कोलकाता की हालत का इन बातों से कोई लेना-देना नहीं है। सुवेंदु ने आरोप लगाया कि ममता सरकार अपनी नाकामी को छिपाने के लिए सीईएससी (कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉर्पोरेशन) को दोषी ठहरा रही है, जबकि असल जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी। उन्होंने कहा कि न तो पहले से कोई चेतावनी दी गई, न कोई राहत की व्यवस्था की गई। सुवेंदु अधिकारी ने अपने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के अंत में ममता बनर्जी से दो अहम सवाल पूछे। उन्होंने पूछा जब आईएमडी ने पहले से चेतावनी दी थी, तो उसे क्यों नजरअंदाज किया गया? स्पष्ट मौसम पूर्वानुमान के बावजूद आपदा प्रबंधन की तैयारी क्यों नहीं की गई?
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