- Home
- /
- राज्य
- /
- पश्चिम बंगाल
- /
- 28 साल की ब्रिस्टी...
पश्चिम बंगाल
28 साल की ब्रिस्टी मुखर्जी की संदिग्ध मौत नौकरी छिनने के बाद थी तनाव में
Ratna Netam
1 Sept 2026 3:30 PM IST

x
पश्चिम बंगाल : राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के परिवार से जुड़ी 28 वर्षीय ब्रिस्टी मुखर्जी का शव उनके घर में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ब्रिस्टी का शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट थाना क्षेत्र के कुसुम्बा गांव स्थित उनके घर की दूसरी मंजिल के कमरे में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ब्रिस्टी मुखर्जी ममता बनर्जी के चचेरे भाई की बेटी बताई जा रही हैं। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी।
शिक्षक भर्ती मामले के बाद गई थी नौकरी
ब्रिस्टी मुखर्जी का नाम पश्चिम बंगाल के चर्चित शिक्षक भर्ती विवाद से भी जुड़ा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार उन्हें मार्च 2023 में बोलपुर के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में गैर-शिक्षण कर्मचारी के पद पर नौकरी मिली थी, लेकिन बाद में शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच के बाद उनकी नौकरी चली गई थी।
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती मामले को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप लगाया गया था कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कुछ नियुक्तियां नियमों के खिलाफ की गईं। इस मामले में अदालतों ने कई नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश दिए थे।
नौकरी जाने के बाद तनाव में होने की चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार अदालत के फैसले के बाद नौकरी गंवाने वाले कई उम्मीदवारों में निराशा देखी गई थी। ब्रिस्टी मुखर्जी को लेकर भी दावा किया गया है कि नौकरी जाने के बाद वह तनाव में थीं। हालांकि पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है।
परिवार की ओर से अलग जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से नौकरी छोड़ने की बात कही थी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला पहले भी रहा सुर्खियों में
पश्चिम बंगाल का शिक्षक भर्ती मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा रहा है। इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों ने भी जांच की है। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पैसे के लेन-देन और नियमों की अनदेखी हुई। कई नेताओं और अधिकारियों से पूछताछ भी हुई है।
कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई थी। अदालतों ने कई नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए उन्हें रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा था। इसके बाद हजारों उम्मीदवार प्रभावित हुए थे।
पुलिस कर रही हर पहलू की जांच
ब्रिस्टी मुखर्जी की मौत के मामले में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे कोई व्यक्तिगत कारण था या फिर कोई अन्य वजह। घटनास्थल से मिले सबूतों और परिवार के लोगों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज
ममता बनर्जी के परिवार से जुड़े व्यक्ति की मौत की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। शिक्षक भर्ती मामला पहले से ही विपक्ष के निशाने पर रहा है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर हमला करता रहा है।
हालांकि इस घटना को लेकर अभी तक किसी राजनीतिक दल की ओर से कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के दायरे में है।
ब्रिस्टी मुखर्जी की मौत ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती विवाद और उससे जुड़े मानवीय पहलुओं को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
Next Story





