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पश्चिम बंगाल: कोलकाता से आए 17 युवा शिवभक्तों ने सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की कठिन पदयात्रा शुरू कर दी है। आकर्षक और भव्य कांवर के साथ निकली इस टोली ने “बोलबम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरे कांवरिया पथ को शिवमय बना दिया। श्रावणी मेला शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं की आवाजाही से सुल्तानगंज से देवघर तक का मार्ग भक्ति और आस्था के रंग में रंगता नजर आ रहा है।
कोलकाता के इन युवाओं की यह टोली करीब 100 किलोमीटर की यात्रा पर निकली है। सुल्तानगंज से जल भरकर उन्होंने बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करने का संकल्प लिया है। यात्रा के दौरान सभी शिवभक्त अनुशासन और उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनके जोशीले जयकारों से रास्ते भर का माहौल भक्तिमय बना हुआ है और अन्य कांवरियों में भी नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।
रविवार को यह जत्था कटोरिया के राजबाड़ा स्थित कच्ची कांवरिया पथ से गुजरते हुए देवघर की ओर रवाना हुआ। इस दौरान “बोलबम”, “बाबानगरीया दूर है, जाना जरूर है” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। उनकी अनोखी और सजावटी कांवर राहगीरों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही, जिसे देखने के लिए लोग रुक-रुककर निहारते नजर आए।
शिवभक्तों ने बताया कि वे पहली बार इस तरह की विशेष कांवर के साथ बाबा दरबार जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह यात्रा पूरी तरह आस्था और श्रद्धा पर आधारित है और वे बाबा बैद्यनाथ से देश और समाज की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।
श्रावणी मेला शुरू होने से पहले ही कांवरिया पथ पर बढ़ती रौनक यह दर्शाती है कि आने वाले दिनों में यहां भक्ति का और भी भव्य नजारा देखने को मिलेगा।





