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पश्चिम बंगाल
सुकांत मजूमदार और निसिथ प्रमाणिक ने टीएमसी पर लगाया एसआईआर में रुकावट लगाने का आरोप
SHIDDHANT
20 Nov 2025 9:33 PM IST

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Kolkata कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया को रोकने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए ममता बनर्जी ने कहा है कि जिस तरह से यह प्रक्रिया चुनाव अधिकारियों और नागरिकों पर थोपी जा रही है, वह अनियोजित और खतरनाक है। ममता बनर्जी के पत्र को लेकर पूर्व राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने प्रतिक्रिया दी है।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पश्चिम बंगाल के अधिकारियों का चेहरा सामने आ रहा है। 300 से अधिक लोग दावा कर रहे हैं कि वे बांग्लादेशी हैं और बता रहे हैं कि बॉर्डर पार करके आए हैं। उनका कहना है कि टीएमसी के लोगों ने आधार कार्ड समेत कई फर्जी कागजात बनाने में मदद की है। पश्चिम बंगाल उन्हें सहायता दे रहा है, जो न राज्य के हैं और न देश के। ममता बनर्जी एसआईआर को रोकना चाहती हैं। वे कहती हैं कि इसे आगे बढ़ाना चाहती हैं तो राष्ट्रपति शासन के बाद यह प्रक्रिया हो। ममता बनर्जी को पता चल गया है कि वे इसे रोक नहीं सकतीं, इसे केवल आगे बढ़ा सकती हैं।
वहीं निसिथ प्रमाणिक ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि यह न तो भारत सरकार का कार्यक्रम है और न ही भाजपा या टीएमसी का कोई कार्यक्रम है। यह चुनाव आयोग का नियमित कार्यक्रम है। इसे प्रभावित करना या इसका विरोध करना गलत है। बिहार में भी लोगों ने विरोध किया था, लेकिन यह प्रक्रिया अच्छे तरीके से पूरी हुई। पश्चिम बंगाल में भी विरोध हो रहा है, लेकिन प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह टीएमसी और ममता बनर्जी इसका विरोध कर रहे हैं, वह उचित नहीं है।
निसिथ प्रमाणिक ने कहा कि बीएलओ पर नाम जोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसकी वजह से बीएलओ दूसरा रास्ता चुन रहे हैं। इसके लिए टीएमसी और ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं। घोस्ट वोटर अगर नहीं रहेंगे तो टीएमसी भी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से आने वाले लोगों की टीएमसी के लोग ही मदद करते हैं, फर्जी कागजात बनवाते हैं। अभी से ही बॉर्डर पर बहुत से रोहिंग्या वापस जाने के लिए खड़े हैं। यह अभी ट्रेलर है, लेकिन जब उन्हें हिरासत में लिए जाने की शुरुआत होगी तो हजारों नहीं, बल्कि लाखों घुसपैठिए बॉर्डर पार करने के लिए गिड़गिड़ाएंगे।
भारत सरकार ने ममता दीदी से बॉर्डर पर तार लगाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश का 450 किमी लंबा बॉर्डर क्षेत्र सिर्फ इस राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए खतरनाक है। ममता बनर्जी घुसपैठियों के लिए बीएसएफ को जिम्मेदार ठहराती हैं।
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