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Kolkata कोलकाता:डॉक्टर शांतनु सेन मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराए बिना अपनी मेडिकल डिग्री का इस्तेमाल कर रहे थे। इसी आरोप पर हाल ही में स्टेट मेडिकल काउंसिल ने शांतनु सेन को नोटिस भेजा है। गुरुवार को शांतनु सेन का मेडिकल लाइसेंस 2 साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया। जाहिर है, वे दो साल तक मेडिकल प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। जून के मध्य में स्टेट मेडिकल काउंसिल ने डॉ. शांतनु सेन को नोटिस भेजा था। इसमें बताया गया था कि भले ही उन्होंने अपने 'प्रोफेशनल लेटरहेड' पर एफआरसीपी (ग्लासगो) की डिग्री का इस्तेमाल किया हो, लेकिन वह मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकृत नहीं है।
नियमों के मुताबिक, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 26 के तहत किसी भी डिग्री को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकृत कराना अनिवार्य है। हालांकि शांतनु ने पहले दावा किया था, 'मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मेरे साथ ऐसा निजी दुश्मनी के चलते किया जा रहा है।' स्टेट मेडिकल काउंसिल ने शांतनु सेन से 21 दिन के अंदर जवाब मांगा है। डॉ. शांतनु सेन ने कहा, "मैं अपने साथ हुए इस घोर अन्याय और मेरी वैध योग्यता को अमान्य करार देने की अनैतिक सजा के खिलाफ लड़ूंगा और जीतूंगा।" उनके अनुसार, राज्य की सत्ताधारी पार्टी और सरकार चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने के लिए कई काम कर रही है, लेकिन राज्य चिकित्सा परिषद जैसी जगहों पर बैठकर बिना कुछ जाने सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। डॉक्टरों के एक वर्ग को सरकार के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है।
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