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दक्षिण 24 परगना हिंसा: आरोपी की लिंचिंग, राजनीतिक विवाद तेज

West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में 11 वर्षीय बच्ची की लाश मिलने के बाद इलाके में भारी तनाव और हिंसा फैल गई। यह मामला बरुईपुर के सुरज्यापुर हाट क्षेत्र से सामने आया, जहां रविवार को बच्ची का शव एक बोरे में बरामद किया गया। बताया गया कि बच्ची एक दिन पहले लापता हुई थी, जिसके बाद उसकी तलाश की जा रही थी।
घटना के सामने आने के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा भड़क उठा और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया, जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने कथित तौर पर रेप और हत्या के आरोपी एक 26 वर्षीय व्यक्ति की पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस पूरी घटना ने राज्य की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को घटनास्थल पर जाने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को “हाउस अरेस्ट” कर दिया गया है और उन्हें प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने से रोका गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके घर के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से घर में ही रोके जाने की स्थिति बनाई गई है, हालांकि पुलिस ने इसे सीधे तौर पर स्वीकार नहीं किया।
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। पुलिस ने न तो इन आरोपों की पुष्टि की है और न ही इनका खंडन किया है, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है। रेलवे और सड़क यातायात बाधित होने के कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्ची की हत्या की खबर के बाद गुस्सा अचानक भड़क गया और भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई। हालांकि, कानून को अपने हाथ में लेने और आरोपी की लिंचिंग की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
पुलिस ने दोनों मामलों—बच्ची की मौत और आरोपी की लिंचिंग—की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक ओर जहां कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को और जटिल बना दिया है। प्रशासन के सामने अब स्थिति को सामान्य करने और भरोसा बहाल करने की बड़ी चुनौती है।
फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।





