पश्चिम बंगाल

बंगाल में रिलायंस का बड़ा निवेश प्रस्ताव, न्यूक्लियर पावर प्लांट से आ सकते हैं 2 लाख करोड़

Kavita2
2 Oct 2026 5:31 PM IST
बंगाल में रिलायंस का बड़ा निवेश प्रस्ताव, न्यूक्लियर पावर प्लांट से आ सकते हैं 2 लाख करोड़
x

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बड़े औद्योगिक निवेश को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। अडानी समूह की ओर से राज्य में बड़े निवेश और अस्पताल परियोजना की घोषणा के बाद अब मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी पश्चिम बंगाल में कई बड़ी परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव न्यूक्लियर पावर प्लांट का है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस परियोजना से अगले छह से सात वर्षों में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने बुधवार को कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल के साथ बैठक की। करीब दो घंटे चली बैठक में राज्य में निवेश की अलग-अलग संभावनाओं पर चर्चा की गई। रिलायंस के प्रतिनिधिमंडल में कंपनी के विभिन्न कारोबार से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

बैठक में ऊर्जा और बिजली क्षेत्र पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान रिलायंस की ओर से पश्चिम बंगाल में न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव सामने आया। इसके लिए पूर्वी मिदनापुर जिले के हरिपुर को संभावित स्थान के रूप में देखा जा रहा है। हरिपुर वही क्षेत्र है, जहां वर्षों पहले न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से परमाणु ऊर्जा परियोजना की योजना बनाई गई थी। हालांकि स्थानीय विरोध के बाद वह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी थी।

हरिपुर में करीब 2,000 एकड़ जमीन पहले प्रस्तावित परमाणु परियोजना के लिए चिह्नित की गई थी। उस समय क्षेत्र में भूकंपीय, भू-तकनीकी, हाइड्रोलॉजिकल, समुद्री, मौसम संबंधी और पर्यावरणीय अध्ययन किए गए थे। ऐसे में यदि नए सिरे से इसी स्थान पर परियोजना आगे बढ़ती है तो पहले हुए अध्ययनों का महत्व बढ़ सकता है। हालांकि प्रस्ताव को वास्तविक परियोजना में बदलने के लिए संबंधित वैधानिक और नियामकीय मंजूरियां जरूरी होंगी।

रिलायंस की योजना केवल न्यूक्लियर पावर प्लांट तक सीमित नहीं है। बैठक में आधुनिक डेटा सेंटर, होटल और कोयला गैसीफिकेशन यूनिट विकसित करने जैसे प्रस्तावों पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा बिजली एवं ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मेडिकल कॉलेज जैसी परियोजना और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर भी बातचीत हुई है।

रिलायंस जियो की ओर से पूर्वी मिदनापुर के दीघा में विकसित किए जा रहे अंडरसी केबल लैंडिंग स्टेशन पर भी बैठक में चर्चा हुई। इस परियोजना का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय डेटा कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इसके जरिए पश्चिम बंगाल में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डेटा ट्रांसफर क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही राज्य में डेटा सेंटर और आईटी सेक्टर के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

राज्य सरकार ने न्यू टाउन क्षेत्र में रिलायंस को सिलिकॉन वैली हब से जुड़ी परियोजना के लिए 40 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। रिलायंस के प्रस्तावों में आईटी, ऊर्जा, कोल-टू-गैस, बायोगैस, फूड पार्क और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों की संभावनाएं भी शामिल हैं। हालांकि इन परियोजनाओं के लिए अंतिम निवेश राशि और समयसीमा अभी तय नहीं हुई है। आगे की बैठकों में जमीन, स्थान, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक सहयोग जैसे विषयों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

रिलायंस अधिकारियों के साथ हुई यह बैठक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुकेश अंबानी के बीच हाल में मुंबई में हुई मुलाकात के बाद हुई है। मुख्यमंत्री ने 21 सितंबर को मुंबई में मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी से मुलाकात की थी। उस दौरान भी पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विस्तार और निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद रिलायंस के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम कोलकाता पहुंची और राज्य सरकार के साथ विस्तृत बातचीत की।

इससे पहले अडानी समूह ने भी पश्चिम बंगाल में बड़े निवेश की घोषणा की थी। गौतम अडानी ने वर्ष 2035 तक राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना बताई है। इसके साथ ही न्यू टाउन में 2,000 बेड वाले मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला रखी गई है। अस्पताल परियोजना पर करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।

अब रिलायंस की ओर से न्यूक्लियर पावर प्लांट का प्रस्ताव सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल में बड़े औद्योगिक निवेश की चर्चा और तेज हो गई है। प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना को लेकर करीब 2 लाख करोड़ रुपये के संभावित निवेश का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन फिलहाल यह प्रस्ताव और प्रारंभिक बातचीत के स्तर पर है। परियोजना का आकार, क्षमता, निवेश संरचना और निर्माण की समयसीमा संबंधित मंजूरियों तथा आगे की बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगी।

राज्य सरकार और रिलायंस के बीच आने वाले समय में इस संबंध में और बैठकें होने की संभावना है। इनमें परियोजनाओं के लिए जमीन और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर चर्चा होगी। यदि प्रस्तावित परियोजनाएं आगे बढ़ती हैं तो ऊर्जा, आईटी, डेटा सेंटर, बुनियादी ढांचा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर निवेश की नई संभावनाएं खुल सकती हैं।

Next Story