- Home
- /
- राज्य
- /
- पश्चिम बंगाल
- /
- आरजी कर केस में होगी...
पश्चिम बंगाल
आरजी कर केस में होगी दोबारा जांच शुभेंदु सरकार ने लिया बड़ा फैसला
Ratna Netam
9 Aug 2026 8:25 PM IST

x
पश्चिम बंगाल : आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 2024 में महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर मामले ने एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को इस चर्चित मामले की नए सिरे से जांच कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला पीड़िता की मां के अनुरोध के बाद लिया गया है। मामले की दोबारा जांच की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब घटना को दो साल पूरे होने पर राज्यभर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मृतका को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पीड़िता की मां ने उन्हें पत्र लिखकर मामले की नए सिरे से जांच कराने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव और विशेषज्ञों की टीम के साथ विचार-विमर्श के बाद स्पेशल कमीशन एक्ट, 1952 के तहत नए सिरे से जांच का निर्णय लिया गया है। अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही थी। उन्होंने महिला डॉक्टर के अंतिम संस्कार से जुड़े कथित तौर पर सामने आए सवालों की भी अलग से जांच कराने का आदेश दिया है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से नए सिरे से जांच का फैसला इस मामले में न्याय की मांग कर रहे पीड़िता के परिवार और चिकित्सक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की घटना 9 अगस्त 2024 को सामने आई थी। अस्पताल परिसर में ड्यूटी के दौरान महिला चिकित्सक का शव मिलने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। घटना के विरोध में डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए थे। पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक आंदोलन चला था और तत्कालीन राज्य सरकार को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।
घटना की बरसी के मौके पर रविवार को पश्चिम बंगाल के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतका को श्रद्धांजलि दी। साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों ने भी मौन रखा। आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सुरक्षा के लिए तैनात अर्धसैनिक बल के जवान भी चिकित्सकों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस दौरान वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट की ओर से उत्तर कोलकाता के चितपुर इलाके में जरूरतमंद लोगों के लिए चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस संगठन ने ही घटना के बाद हुए व्यापक चिकित्सक आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शिविर में शामिल चिकित्सकों ने कहा कि उनका उद्देश्य ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाली महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लगातार जीवित रखना है।
मामले में सियालदह सत्र अदालत ने संजय रॉय को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, पीड़िता के माता-पिता और उनके कई सहकर्मी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि इस अपराध में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसी वजह से मामले में कथित बड़ी साजिश की जांच की मांग लंबे समय से उठती रही है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो भी मामले से जुड़े कथित साजिश के पहलू की जांच कर रहा है। यह जांच कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद की जा रही है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से अब नए सिरे से जांच की घोषणा के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।
इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए थे। आरजी कर अस्पताल में अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रही है। अब नए सिरे से जांच की घोषणा के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि मामले से जुड़े पुराने सवालों, कथित पुलिस लापरवाही और अंतिम संस्कार से संबंधित आरोपों की भी जांच के दायरे में समीक्षा हो सकती है।
TagsRGcaseinvestigationShubhendugovernmentdecisionआरजीकेसजांचशुभेंदुसरकारफैसलाजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





