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पश्चिम बंगाल
पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
nidhi
18 Oct 2026 7:18 AM IST

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चोरबागान हादसे पर सख्त मुख्यमंत्री
कोलकाता: उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच के सिलसिले में पुलिस ने आयोजकों समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। इनसे घटना के समय की परिस्थितियों और भीड़ प्रबंधन के इंतजामों के बारे में पूछताछ की जा रही है। शनिवार शाम हुए हादसे में मृतकों की संख्या 19 पहुंच गई है, जबकि कई घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा देते हुए कहा है कि जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों से यह समझने की कोशिश की जा रही है कि पंडाल के पास अचानक भीड़ का दबाव कैसे बढ़ा और स्थिति नियंत्रण से बाहर क्यों हुई। पूछताछ में आयोजन तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल हिरासत में लेकर सवाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और किसी संभावित चूक के बारे में निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने कहा है कि लापरवाही मिलने पर कानून के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने घटना की विस्तृत जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच व्यवस्था बनाने की घोषणा की है। इसके लिए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से न्यायाधीश नामित करने का अनुरोध किया जाएगा। जांच में विशेष कार्य बल और अन्य संबंधित विभागों की भागीदारी की बात भी कही गई है। मुख्यमंत्री का कहना है कि भीड़ संभालने की जिम्मेदारी जिस स्तर पर थी, वहां हुई संभावित चूक की पड़ताल की जाएगी। जांच के लिए घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए हैं। पुलिस इनकी मदद से हादसे से पहले और उसके दौरान लोगों की आवाजाही का क्रम समझेगी। फुटेज से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि किस स्थान पर भीड़ जमा हुई और लोगों के गिरने की शुरुआत कैसे हुई। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पूजा समिति के सदस्य, निजी सुरक्षाकर्मी, अस्थायी कर्मचारी या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी, किसी की भी लापरवाही साबित होने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा।
महासप्तमी की शाम पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान बारिश शुरू होने के बाद भीड़ में दबाव बढ़ने की जानकारी सामने आई। शुरुआती विवरणों में एक घोषणा और सीटी बजने के बाद अफरा-तफरी बढ़ने की बात भी कही गई है। हालांकि, इन शुरुआती सूचनाओं को हादसे का अंतिम कारण नहीं माना गया है। मुख्यमंत्री ने भी जांच पूरी होने से पहले निश्चित निष्कर्ष देने से परहेज करते हुए पारदर्शिता का आश्वासन दिया।
हादसे के बाद पूजा पंडाल में दर्शकों का प्रवेश रोक दिया गया और घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत संबंधी व्यवस्थाएं की गईं। मृतकों की संख्या को लेकर शुरुआती खबरों में अलग-अलग आंकड़े आए थे। बाद की जानकारी में 19 मौतों की पुष्टि की गई। घायलों की संख्या भी विभिन्न अपडेट में अलग बताई गई है, इसलिए उपचाराधीन लोगों की स्थिति पर अस्पताल और प्रशासन की जानकारी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों को पांच-पांच लाख रुपये देने तथा उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने का भी ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि घायल अपनी पसंद के अस्पताल में उपचार करा सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने अन्य पूजा समितियों से भी पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय रखने और प्रवेश तथा निकास मार्गों की कमियां दूर करने की अपील की है। उन्होंने मानव जीवन को आयोजन की थीम से अधिक महत्वपूर्ण बताया। अब जांच का केंद्र भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और घटनास्थल पर तैनात लोगों की भूमिका है। सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और तकनीकी पड़ताल के आधार पर हादसे का क्रम स्पष्ट करने तथा जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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