- Home
- /
- राज्य
- /
- पश्चिम बंगाल
- /
- बंगाल के इलाके में...

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जर्जर सड़क के कारण एक बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को उसे जूट की बोरी में लटकाकर ले जाना पड़ा। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और बहस को जन्म दे दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र की सड़क की हालत कई वर्षों से बेहद खराब है। बारिश के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जहां कीचड़, गड्ढों और धंसे हुए रास्तों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में एम्बुलेंस या कोई अन्य वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाता। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क साल 2009 में आए चक्रवात के बाद से अब तक ठीक से नहीं बनी। समय के साथ यह सड़क लगातार टूटती और धंसती चली गई। लोगों ने आरोप लगाया कि आसपास के तालाबों से मिट्टी की अवैध खुदाई के कारण सड़क कमजोर हो गई और कई हिस्से पूरी तरह से खराब हो गए।
गांव में लगभग 20 से 30 परिवार रहते हैं और यही सड़क उनके लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है। ऐसे में जब मंगलवार को एक व्यक्ति की तबीयत गंभीर हुई, तो परिजनों के पास कोई विकल्प नहीं बचा। एम्बुलेंस न पहुंच पाने के कारण उन्हें मरीज को जूट की बोरी में लटकाकर कंधों पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विकास योजनाओं के नाम पर धन आवंटित तो हुआ, लेकिन जमीन पर काम नहीं दिखता।
संदेशखाली के विधायक सनत सरदार ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इलाके की कई सड़कों के सुधार के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं और जल्द ही मरम्मत का काम कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। फिलहाल यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोगों का कहना है कि जब तक सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।





