पश्चिम बंगाल

बंगाल में देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़

Saba Naaz
4 July 2026 9:59 PM IST
बंगाल में देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़
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पश्चिम बंगाल: उत्तर दिनाजपुर (North Dinajpur) जिले से मानव तस्करी और बाल शोषण का एक मामला सामने आया है. जिले की इस्लामापुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक कथित अंतरराज्यीय देह व्यापार रैकेट (Prostitution Racket) का भंडाफोड़ किया है. इस हाई-टेक पुलिस ऑपरेशन में 17 नाबालिग लड़कियों को बचाया गया है. इन्हें बंधक बनाकर रखा गया था.

अपराधियों को घेरने के लिए पुलिस ने उड़ाये ‘ड्रोन’ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस को इलाके में नाबालिग लड़कियों की तस्करी कर लाये जाने और उनसे जबरन देह व्यापार कराने की पुख्ता जानकारी मिली थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस्लामापुर थाने की पुलिस की टीम ने जाल बिछाया. अपराधियों के भागने के सभी रास्तों को ब्लॉक करने और इलाके की टोह लेने के लिए पुलिस ने आधुनिक ड्रोन (Drones) का इस्तेमाल किया. ड्रोन से सटीक लोकेशन मिलते ही पुलिस टीम ने तेजी से छापेमारी की और सभी 17 लड़कियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त करा लिया.

बिहार और असम से जुड़े हैं तार, 4 आरोपी दबोचे गये इस अपराध के सिलसिले में पुलिस ने मौके से 4 मानव तस्करों (Human Traffickers) को गिरफ्तार किया है. शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि इस रैकेट के तार पड़ोसी राज्यों से जुड़े हैं. पकड़े गये आरोपियों में से 3 बिहार के रहने वाले हैं. एक आरोपी असम का है. डरा-धमकाकर होता था यौन शोषण पुलिस अधिकारी ने बताया कि बचायी गयी सभी लड़कियों की उम्र 11 से 17 वर्ष के बीच है. यानी सभी नाबालिग हैं. शुरुआती जांच और पूछताछ में पता चला है कि इन मासूमों को डरा-धमकाकर लंबे समय से बार-बार गंभीर यौन शोषण (Sexual Exploitation) और प्रताड़ना का शिकार बनाया जा रहा था.

काउंसलिंग के बाद मासूमों को सरकारी आश्रय गृह भेजा ऑपरेशन के तुरंत बाद, बचायी गयी सभी नाबालिगों को जिला बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee – CWC) के समक्ष पेश किया गया. वहां विशेषज्ञों ने उनकी उचित काउंसलिंग की, ताकि वे इस मानसिक आघात से बाहर आ सकें. इसके बाद समिति के निर्देशानुसार उन्हें सुरक्षित सरकारी आश्रय गृह (Government Shelter Home) भेज दिया गया है, जहां उनकी देखरेख की जा रही है.

किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा पुलिस ने चेतावनी दी है कि नाबालिगों की तस्करी, खरीद-फरोख्त और शारीरिक शोषण जैसे जघन्य अपराध में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जायेगा. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और मानव तस्करी विरोधी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. छापेमारी के दौरान जो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, उनकी पहचान कर धर-पकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं.

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