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पश्चिम बंगाल
शिक्षा व्यवस्था बदलने की तैयारी शुभेंदु अधिकारी ने बताया अपना रोडमैप
Ratna Netam
6 Sept 2026 5:27 PM IST

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री **शुभेंदु अधिकारी** ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर सख्ती जरूरी है। उन्होंने कहा, **“हो सकता है मेरे वोट कम हो जाएं, लेकिन मैं फिर भी कहूंगा कि स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को नियंत्रित करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों का ध्यान पढ़ाई से भटकाने वाली चीजों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने गुजरात मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर नियंत्रण है और बंगाल में भी शिक्षा के माहौल को बेहतर बनाने के लिए ऐसे कदमों पर विचार किया जाएगा।
स्कूलों में मोबाइल पर लगेगी सख्ती
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि स्कूल केवल शिक्षा प्राप्त करने की जगह नहीं हैं, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र भी हैं। उन्होंने चिंता जताई कि मोबाइल फोन के ज्यादा इस्तेमाल से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बेहतर वातावरण दिया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया कि सरकार स्कूलों में मोबाइल उपयोग को लेकर नए नियम लागू कर सकती है।
‘सीएम श्री’ स्कूल बनाने की योजना
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में **‘सीएम श्री’ स्कूल** शुरू करने की घोषणा भी की है। ये स्कूल केंद्र सरकार के **पीएम श्री स्कूलों** की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे।
योजना के तहत हर जिले में दो आधुनिक मॉडल स्कूल खोलने की बात कही गई है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। कक्षा 6 से छात्रों को मेरिट के आधार पर प्रवेश देने की योजना बताई गई है।
शिक्षक भर्ती और शिक्षा व्यवस्था पर जोर
शुभेंदु अधिकारी ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की समय सीमा के अनुसार स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने शिक्षक चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के महत्व को बढ़ाने और मौखिक परीक्षा के अंकों को सीमित करने की बात भी कही।
कॉलेज शिक्षकों के लिए नई नीति
मुख्यमंत्री ने कॉलेज शिक्षकों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी लाने की भी घोषणा की। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों की नियुक्ति और स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना बताया गया।
इसके अलावा मेधावी छात्रों के लिए **‘स्वामी विवेकानंद मेरिट स्कीम’** शुरू करने की बात भी कही गई है।
शिक्षा में बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस
शुभेंदु अधिकारी के इन ऐलानों के बाद बंगाल की शिक्षा नीति को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए बड़े सुधार जरूरी हैं।
वहीं विपक्ष इन फैसलों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है।
1000 नए स्कूलों का भी लक्ष्य
शुभेंदु अधिकारी ने इससे पहले राज्य में विद्या भारती से जुड़े करीब **1000 स्कूलों की स्थापना** का लक्ष्य भी बताया था। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों को शामिल करने पर जोर दिया।
राष्ट्रगान और सांस्कृतिक शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सांस्कृतिक और राष्ट्रीय मूल्यों को बढ़ावा देने की बात कही है। उन्होंने वंदे मातरम जैसे विषयों को लेकर भी सख्त रुख अपनाने की बात कही थी।
शिक्षा व्यवस्था बदलने की तैयारी
शुभेंदु अधिकारी के बयानों से साफ है कि उनकी सरकार स्कूल शिक्षा में कई बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है। मोबाइल नियंत्रण, आधुनिक स्कूल, शिक्षक भर्ती में सुधार और नई शिक्षा नीतियों के जरिए सरकार शिक्षा व्यवस्था को बदलने का दावा कर रही है।
हालांकि, इन फैसलों का असर जमीन पर कितना दिखाई देगा, यह आने वाले समय में साफ होगा। फिलहाल स्कूलों में मोबाइल इस्तेमाल को लेकर मुख्यमंत्री का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में है।
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