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पश्चिम बंगाल
पति को बचाने गई गर्भवती से मारपीट, मृत बच्चे को दिया जन्म, दो गिरफ्तार
nidhi
1 Nov 2026 8:45 AM IST

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में पति पर कथित हमले के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची आठ महीने की गर्भवती महिला के साथ भी मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती महिला ने बाद में मृत बच्चे को जन्म दिया। परिवार ने हमले में भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने और राजनीतिक रंजिश के कारण निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, भाजपा नेताओं ने आरोपियों के पार्टी कार्यकर्ता होने से इनकार किया है। पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी होने की जानकारी दी है।
घटना दिनहाटा-दो ब्लॉक के कुचनी गांव में बुधवार रात की बताई गई है। महिला की पहचान प्रिया पाल और उनके पति की पहचान देबजीत बर्मन के रूप में हुई है। बर्मन निजी शिक्षक हैं और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक बताए गए हैं। उनके अनुसार, घर लौटते समय कुछ लोगों ने रास्ते में रोककर उन पर हमला किया। आरोप है कि पत्नी ने उन्हें बचाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना के बाद दोनों को दिनहाटा उपमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
देबजीत बर्मन ने बताया कि शुक्रवार को अस्पताल में उनकी पत्नी ने मृत शिशु को जन्म दिया। परिवार ने कथित हमले और इसके बाद हुए घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में शिशु की मृत्यु के चिकित्सकीय कारणों का विस्तृत आधिकारिक विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए कथित मारपीट और मृत शिशु के जन्म के बीच सीधे चिकित्सकीय कारण की पुष्टि अलग से आवश्यक है। फिलहाल सामने आई जानकारी परिवार के बयान, अस्पताल में भर्ती होने के विवरण और पुलिस कार्रवाई से संबंधित है।
परिवार ने साहेबगंज थाने में शिकायत दी है। पुलिस के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत में दस लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। इसके आधार पर चंदन बर्मन और मनोरंजन बर्मन को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने अन्य आरोपियों की तलाश जारी होने की जानकारी दी। गिरफ्तारी जांच का हिस्सा है और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगा। शिकायत में नाम दर्ज होने या गिरफ्तारी होने को अपने आप अपराध साबित होना नहीं माना जा सकता। मामले में आगे की जांच जारी है।
हमले की वजह को लेकर परिवार और भाजपा के दावे अलग हैं। देबजीत का आरोप है कि उनके परिवार का तृणमूल कांग्रेस से संबंध होने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने परिवार की सदस्य रानू बर्मन के राजनीतिक जुड़ाव का उल्लेख किया, जो तृणमूल कांग्रेस की पूर्व पंचायत सदस्य रही हैं। बर्मन ने इसी संबंध को हमले की वजह बताया है। हालांकि, पुलिस की ओर से उपलब्ध विवरण में राजनीतिक रंजिश को जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में घोषित नहीं किया गया है। इस आरोप की पुष्टि जांच से होनी बाकी है।
भाजपा नेताओं ने कहा है कि आरोपियों को पार्टी कार्यकर्ता बताना सही नहीं है। उनका दावा है कि घटना किसी अन्य विवाद से संबंधित है। इस प्रकार आरोपियों की राजनीतिक पहचान और हमले की पृष्ठभूमि, दोनों विषय विवादित हैं। पुलिस की जांच से घटना के समय मौजूद लोगों, हमले के कारण और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की स्थिति स्पष्ट होगी। किसी दल से संबंध होने का आरोप तथा उस दल का खंडन, दोनों को संबंधित पक्षों के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों में इन विवादित बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष नहीं है।
दिनहाटा के भाजपा विधायक अजय राय ने घटना की निंदा की और प्रभावित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने दो गिरफ्तारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बाकी आरोपियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। राय ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कार्रवाई की बात कही। उनका बयान परिवार की शिकायत पर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत के बीच आया है। हालांकि, विधायक की प्रतिक्रिया को पुलिस जांच या अदालत के निष्कर्ष का विकल्प नहीं माना जा सकता। आरोपियों के खिलाफ आगे की प्रक्रिया जांच में जुटाए गए साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
घटना को लेकर अन्य राजनीतिक पक्षों ने भी प्रतिक्रिया दी है। माकपा से जुड़े नेताओं ने दंपती के साथ हुई कथित मारपीट की निंदा करते हुए परिवार के प्रति समर्थन जताया। इस मामले का सबसे गंभीर पहलू गर्भवती महिला के साथ हिंसा का आरोप और अस्पताल में मृत शिशु का जन्म है। परिवार की पीड़ा के बीच हमले की जिम्मेदारी तथा उसके परिणामों का तथ्यात्मक निर्धारण जरूरी होगा। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बयान और प्रमाण के बीच अंतर बनाए रखना भी आवश्यक है, ताकि जांच से पहले किसी विवादित दावे को स्थापित तथ्य न मान लिया जाए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में दंपती का अस्पताल में भर्ती होना, महिला के मृत शिशु को जन्म देने संबंधी पति का बयान और दो लोगों की गिरफ्तारी प्रमुख तथ्य हैं। बाकी आरोपियों की तलाश तथा घटना की पृष्ठभूमि की पड़ताल जारी है। परिवार भाजपा से जुड़े लोगों पर आरोप लगा रहा है, जबकि पार्टी आरोपियों से संबंध नकार रही है। आगे पुलिस के विस्तृत बयान और चिकित्सकीय जानकारी से कई महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर मिल सकेगा। इनमें हमले का वास्तविक कारण, आरोपियों की भूमिका और शिशु की मृत्यु की परिस्थितियां शामिल हैं।
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