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पश्चिम बंगाल
CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर सियासी घमासान ममता बनर्जी ने उठाए सवाल
Ratna Netam
14 Oct 2026 3:54 PM IST

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कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं आशुतोष रंका और सौरव दास की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को दोनों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी पीढ़ी को डराने और चुप कराने की कोशिश बताया। ममता बनर्जी ने देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहना चाहिए।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को हासिल करने के लिए कई पीढ़ियों ने संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और नागरिकों के अधिकारों को बनाए रखने के लिए इस संघर्ष को आगे भी जारी रखने की आवश्यकता है।
CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर नाराजगी
ममता बनर्जी ने आशुतोष रंका और सौरव दास की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे युवाओं के बीच भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है।टीएमसी प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि यह समय सभी लोगों के लिए एकजुट होकर देश के लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लेने का है। उन्होंने गिरफ्तारी को अस्वीकार्य बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों के पक्ष में खड़े होने की अपील की।ममता बनर्जी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी चाहिए।
'पूरी पीढ़ी को चुप कराने की कोशिश'
ममता बनर्जी ने अपने बयान में सबसे ज्यादा जोर युवा पीढ़ी और उसके लोकतांत्रिक अधिकारों पर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी केवल दो व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी को डराने का प्रयास है।उन्होंने कहा कि उनके समय और उनसे पहले की कई पीढ़ियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष किया है। इस संघर्ष को जारी रखने की जरूरत बताते हुए उन्होंने लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह आशुतोष रंका और सौरव दास की गिरफ्तारी का विरोध करती हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद हुई गिरफ्तारी
आशुतोष रंका और सौरव दास को दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोनों पर प्रतिबंधित प्रदर्शन क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने और पहले तय कानूनी शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप हैं।बुधवार को दोनों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, CJP की ओर से पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई है।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का आह्वान
ममता बनर्जी ने कहा कि देश के नागरिकों को अपने संवैधानिक अधिकारों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले हो रहे हैं।अपने संदेश में उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी 14 हजार लोगों के पुलिस और राजनीतिक अत्याचार का सामना करने का दावा किया। हालांकि, उन्होंने इस आंकड़े के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी।उन्होंने युवाओं को समर्थन देने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी दीदी हमेशा उनके साथ है। ममता ने सभी से एकजुट होकर देश के लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।
गिरफ्तारी पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर अन्य विपक्षी नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने दोनों कार्यकर्ताओं के प्रति समर्थन जताते हुए कानूनी सहायता देने की बात कही है।दूसरी ओर दिल्ली पुलिस का कहना है कि संबंधित कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कानून के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर की गई है। पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार किए और ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों के काम में बाधा पहुंचाई।ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। एक ओर विपक्षी नेता गिरफ्तारी को विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बता रहे हैं, वहीं पुलिस अपनी कार्रवाई को कानूनी नियमों के तहत उठाया गया कदम बता रही है।
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