पश्चिम बंगाल

बंगाल में सियासी घमासान, अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर चला बुलडोजर

Saba Naaz
18 July 2026 5:30 PM IST
बंगाल में सियासी घमासान, अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर चला बुलडोजर
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर प्रशासनिक कार्रवाई का मामला सामने आया है। दक्षिण 24 परगना जिले के अमताला स्थित अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कथित अवैध निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया था, लेकिन तय समय सीमा के भीतर जिला परिषद के समक्ष कोई प्रतिनिधि पेश नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।

कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। डायमंड हार्बर पुलिस जिले के जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष सतर्कता बरती। दफ्तर के आसपास बड़ी संख्या में लोग भी जुट गए थे, जिसके बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी करती रही।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से यह कार्यालय बंद पड़ा था। कथित अवैध निर्माण को लेकर दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने पहले नोटिस जारी किया था। नोटिस के तहत संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब या प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के बाद अधिकारियों ने आगे की प्रक्रिया शुरू की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद सरकारी नियमों के तहत बेदखली की कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अतिक्रमण से जुड़े नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। हालांकि, इस मामले को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है।

अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं और पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उनके कार्यालय पर हुई कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। टीएमसी नेताओं की ओर से इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना है, जबकि प्रशासन इसे नियमों के तहत की गई कार्रवाई बता रहा है।

इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उनके कार्यालय से जुड़े कई लोगों को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की ओर से परेशान किया गया। उन्होंने दावा किया था कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव के तहत की जा रही है।

तीन जुलाई को अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उनके कार्यालय से जुड़े करीब 25 लोगों को बिना पर्याप्त नोटिस और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मुद्दे को उठाया था और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए थे।

वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कार्रवाई कानून के अनुसार ही की जाती है। अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभाग प्रक्रिया के तहत कदम उठाता है।

इस पूरे मामले के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है। एक तरफ प्रशासन इसे अतिक्रमण हटाने की सामान्य प्रक्रिया बता रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। अभिषेक बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

फिलहाल प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी है और कार्रवाई के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह मामला आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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