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पश्चिम बंगाल:टीएमसी में बगावत: 19 सांसदों के दावे से सियासी हलचल तेज, ‘असली TMC’ पर विवाद बढ़ा
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। एक वायरल हस्ताक्षरित पत्र के बाद पार्टी में बड़ी बगावत की तस्वीर साफ होती दिख रही है। दावा किया जा रहा है कि लोकसभा में पार्टी के 28 सांसदों में से 19 सांसद एक अलग गुट बनाकर खुद को ‘असली टीएमसी’ बता रहे हैं। यह गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती देता नजर आ रहा है।
बागी गुट के नेता जगदीश बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि उनके साथ बहुमत सांसद हैं और उन्होंने ‘असली टीएमसी’ नाम से अलग समूह बना लिया है। उन्होंने कहा कि वे 15 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इस गुट को आधिकारिक मान्यता देने की मांग करेंगे। साथ ही लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की भी मांग की जाएगी। बसुनिया ने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, 18 मई को काकोली घोष दस्तीदार और सताबदी रॉय सहित 19 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय को अपने नामों की सूची सौंपी थी। इस सूची में कई वरिष्ठ सांसदों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। बागी सांसदों का दावा है कि उनके समूह के पास 20 सांसदों का समर्थन है, जो दल-बदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक संख्या से अधिक है।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ा है और इसका असर अब संसद तक पहुंच गया है। कुछ सांसदों के राज्यसभा से इस्तीफे की भी चर्चा है, जबकि लोकसभा में बगावत तेज हो रही है।
इसी बीच, राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का विघटन तय था और बीजेपी बंगाल में बदलाव का विकल्प बनकर उभर रही है।
यह पूरा मामला अब राजनीतिक विवाद का बड़ा केंद्र बन गया है और सभी की नजर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी है।





