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कोलकाता में PM Modi का संबोधन: योग से स्वस्थ जीवन और मानसिक मजबूती पर दिया जोर

Kolkata कोलकाता : कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 12वें मुख्य समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के महत्व पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवनशैली का ऐसा हिस्सा है जो उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ऊर्जा, मानसिक संतुलन और जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने में मदद करता है।
रेड रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग और भी अधिक जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि नियमित योग अभ्यास से न केवल शरीर मजबूत रहता है, बल्कि व्यक्ति मानसिक रूप से भी अधिक स्थिर और संतुलित बनता है। इसके साथ ही योग जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाता है।
From physical wellness to inner peace, yoga enriches every aspect of life. Delighted to join this year’s celebrations in Kolkata. https://t.co/75UZECw8JR
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने इस वर्ष की थीम “स्वस्थ बुढ़ापा के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे केवल बुजुर्गों से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संदेश हर आयु वर्ग के लोगों के लिए है। उनका कहना था कि यदि लोग कम उम्र से ही योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, तो वे लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि योग व्यक्ति की सहनशक्ति को बढ़ाता है और शरीर की प्राकृतिक क्षमता को बनाए रखने में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक फिटनेस बेहतर होती है, बल्कि व्यक्ति के सोचने और निर्णय लेने की क्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही, जिन्होंने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया। इस दौरान विभिन्न योग आसनों और प्राणायाम का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को स्वास्थ्य और संतुलित जीवन के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन का अभ्यास न मानें, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली का नियमित हिस्सा बनाएं। इससे न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि समाज भी अधिक स्वस्थ और सक्रिय बन सकेगा।
अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग मन और शरीर के बीच संतुलन स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है, जो हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।





