पश्चिम बंगाल

सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल के पहले BJP मुख्यमंत्री बनने पर पीएम मोदी ने दी बधाई

Kavita2
9 May 2026 2:43 PM IST
सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल के पहले BJP मुख्यमंत्री बनने पर पीएम मोदी ने दी बधाई
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West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को ऐतिहासिक बदलाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुवेंदु अधिकारी को राज्य के पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी। मोदी ने अपने संदेश में कहा कि सुवेंदु अधिकारी एक ऐसे नेता हैं जो जनता से गहराई से जुड़े हुए हैं और उनकी उम्मीदों को बेहतर तरीके से समझते हैं।

सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के प्रसिद्ध ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और NDA शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। समारोह को राज्य की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सुवेंदु अधिकारी को शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी ने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के साथ मजबूत संबंध बनाए हैं और लोगों की आवश्यकताओं को समझने की क्षमता रखते हैं।

प्रधानमंत्री ने उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए प्रभावी रूप से काम करेंगे। मोदी ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने जो विश्वास जताया है, उसे पूरा करने की जिम्मेदारी नई सरकार पर है।

समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पूरे आयोजन में राजनीतिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। भाजपा नेतृत्व ने इसे राज्य में नए राजनीतिक युग की शुरुआत बताया है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह शपथ ग्रहण पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि लंबे समय बाद राज्य में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार बनी है। इससे आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक दिशा और विकास नीतियों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

फिलहाल नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और जनता से किए गए वादों को पूरा करना है। वहीं राजनीतिक हलकों में इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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