पश्चिम बंगाल

संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल की साजिश बेनकाब, जंतर-मंतर था निशाने पर

Ratna Netam
1 Aug 2026 7:33 PM IST
संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल की साजिश बेनकाब, जंतर-मंतर था निशाने पर
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने पूर्व बर्धमान से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल को लेकर बड़ा दावा किया है। एसटीएफ के अनुसार, हमीम मंडल की योजना राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी पहनकर एक बड़ी साजिश को अंजाम देने की थी। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उसके निशाने पर थे।

एसटीएफ के महानिरीक्षक (आईजी) गौरव शर्मा ने शनिवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि 24 वर्षीय हमीम मंडल को शुक्रवार को पूर्व बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसी रात उसे कोलकाता लाकर पूछताछ शुरू की गई। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुई बातचीत की जांच की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है।

एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमीम मंडल कथित तौर पर किसी बड़ी योजना पर काम कर रहा था। उसके डिजिटल रिकॉर्ड और चैट की जांच में ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल कर किसी घटना को अंजाम देने की साजिश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जांच एजेंसी अभी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमीम मंडल के संपर्क किन लोगों से थे और क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति या संगठन भी शामिल है। इसके अलावा उसके सोशल मीडिया नेटवर्क और ऑनलाइन गतिविधियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी को किसी तरह की आर्थिक मदद, प्रशिक्षण या अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। इसके लिए उसके बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। इसके बाद पुख्ता जानकारी मिलने पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसके पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी भी संभावित खतरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। वहीं, पश्चिम बंगाल में भी आरोपी के संपर्कों और गतिविधियों को लेकर जांच तेज कर दी गई है।

एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही साजिश की पूरी तस्वीर सामने आ पाएगी। फिलहाल एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल पाया गया तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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