पश्चिम बंगाल

बिना लाउडस्पीकर मस्जिद में हो रहा है नमाज, बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए किया जा रहा ऐसा

Gulabi
11 Dec 2021 6:06 AM GMT
बिना लाउडस्पीकर मस्जिद में हो रहा है नमाज, बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए किया जा रहा ऐसा
x
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक मस्जिद में नमाज के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं हो रहा है
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक मस्जिद (Masjid) में नमाज के लिए लाउडस्पीकर (Loudspeakers) का इस्तेमाल नहीं हो रहा है. ऐसा इसलिए ताकि स्कूल के छात्रों की पढ़ाई में बाधा नहीं आए. मस्जिद के इमाम नजीमुल हक ने कहा कि हम अपने परिसर में बिना लाउडस्पीकर के नमाज अदा कर रहे है हैं. ताकि कक्षाएं हो सकें. शिक्षा के बिना देश का विकास नहीं हो सकता.
एक शिक्षक इंद्रनील साहा ने कहा कि मस्जिद अधिकारियों से सहयोग मिल रहा है. यहां मोबाइल नेटवर्क ठीक से नहीं आता और छात्रों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं. राज्य सरकार ने कक्षा 9-12 के लिए कक्षाएं फिर से शुरू कर दी हैं. बच्चों को स्कूल छोड़ने से बचाने के लिए हमने स्कूल परिसर के बाहर अन्य छात्रों के लिए ऑफ़लाइन कक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया.
खुले में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद
वहीं हरियाणा में खुले में नमाज को लेकर भी टकराव की स्थिति बनने लगी है. हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खुले में नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी. लोग धार्मिक स्थलों में नमाज पढ़ें और जगह नहीं है तो अपने घर में पढ़ें. हरियाणा में कई महीनों से खुले में नमाज पर विवाद चल रहा है. गुरुग्राम में कुछ हिंदू संगठन और स्थानीय निवासी जुमे के दिन खुले में होने वाली नमाज का विरोध कर रहे हैं. वहीं 27 नवंबर को सेक्टर-37 में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस की सुरक्षा में नमाज पढ़ी. इस दौरान हिंदू संगठन के लोगों ने सेक्टर-37 के ग्राउंड में पहुंचकर 26/11 हमले में शहीद हुए लोगों के लिए हवन किया और हनुमान चालीसा का पाठ किया.
देश के बाहर भी हो रही है लाउडस्पीकर पर सख्ती
वहीं दुनियाभर में मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर को लेकर सख्ती बरती जा रही है. सऊदी अरब प्रशासन ने पिछले दिनों लाउडस्पीकर की आवाज कम रखने का आदेश सुनाया था. सऊदी अरब में इस्लामिक मामलों के मंत्री डॉक्टर अब्दुल लतीफ़ बिन अब्दुल्ला अज़ीज़ अल-शेख ने मई में इन प्रतिबंधों की घोषणा की थी. उनका कहना था कि ऐसी भी शिकायतें मिलीं हैं कि लाउडस्पीकर की तेज आवाज से बच्चों की नींद खराब होती है. इंडोनेशिया पहले ही मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा चुका है. इंडोनेशिया ने लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए बड़ा फैसला किया था. मुस्लिम राष्ट्र इंडोनेशिया ने अजान करने वाले लाउडस्पीकर्स की आवाज घटाने का निर्णय लिया था.
Next Story
© All Rights Reserved @Janta Se Rishta
Share it