पश्चिम बंगाल

बदबूदार पानी से बन रहा था मिड डे मील टंकी में मिला मरा पक्षी

nidhi
3 Sept 2026 7:29 AM IST
बदबूदार पानी से बन रहा था मिड डे मील टंकी में मिला मरा पक्षी
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बच्चों की सेहत से खिलवाड़

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के एक स्कूल में बच्चों की सेहत से जुड़ी गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में लगी पानी की टंकी में एक मरा हुआ पक्षी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। आरोप है कि इसी टंकी के बदबूदार और दूषित पानी का इस्तेमाल बच्चों के लिए मिड डे मील तैयार करने में किया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

जानकारी के मुताबिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और कर्मचारियों को पानी से दुर्गंध आने का अहसास हुआ था। इसके बाद पानी की टंकी की जांच की गई तो उसके अंदर एक मृत पक्षी मिला। टंकी में पक्षी कितने समय से पड़ा था इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी। हालांकि पानी से बदबू आने के कारण इसकी स्वच्छता को लेकर सवाल उठने लगे।
सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर जताई गई कि इसी पानी का इस्तेमाल स्कूल में बच्चों के लिए मिड डे मील बनाने में किया जा रहा था। स्कूलों में मिलने वाला मिड डे मील बड़ी संख्या में बच्चों के दैनिक भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में दूषित पानी से भोजन तैयार किए जाने की बात सामने आने से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई। घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोग और बच्चों के अभिभावक स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से पानी की टंकी की नियमित सफाई और निगरानी को लेकर सवाल किए। लोगों का कहना है कि अगर टंकी की समय पर सफाई और जांच होती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
दूषित पानी के इस्तेमाल से पेट दर्द उल्टी दस्त और संक्रमण जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। खासकर बच्चों के मामले में साफ पानी और स्वच्छ भोजन की व्यवस्था बेहद जरूरी है। स्कूल परिसर में पेयजल और भोजन तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी की नियमित जांच भी आवश्यक मानी जाती है। मामले के सामने आने के बाद टंकी की सफाई और पानी की व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग उठी है। साथ ही यह पता लगाने की जरूरत बताई जा रही है कि टंकी की आखिरी बार सफाई कब की गई थी और दूषित पानी का इस्तेमाल कितने समय तक किया गया।
घटना ने स्कूलों में मिड डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाला पानी पूरी तरह सुरक्षित हो। अब अभिभावकों की नजर संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर है। मामले की जांच में अगर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की जा रही है। बच्चों की सेहत से जुड़े इस मामले ने स्कूलों में पानी की टंकियों की नियमित सफाई और मिड डे मील व्यवस्था की निगरानी की जरूरत एक बार फिर सामने ला दी है।

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