पश्चिम बंगाल

Medinipur: जून मालिया के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं, मेदिनीपुर की राजनीति में बढ़ी हलचल

Admindelhi1
29 Jun 2026 4:46 PM IST
Medinipur: जून मालिया के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं, मेदिनीपुर की राजनीति में बढ़ी हलचल
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समर्थकों में भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चा

मेदिनीपुर: पश्चिम बंगाल की राजनीति में दल-बदल के बाद उत्पन्न नई परिस्थितियों के बीच सांसद जून मालिया को लेकर उनके समर्थकों में असमंजस की स्थिति बन गई है। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर नए राजनीतिक दल नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी आफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल होने के बाद जून मालिया अब तक अपने संसदीय क्षेत्र मेदिनीपुर नहीं पहुंची हैं, जिससे उनके समर्थकों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

एक समय पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली जून मालिया के अचानक नए दल में जाने से उनके राजनीतिक समर्थक दुविधा में पड़ गए हैं। कुछ समर्थक एनसीपीआई में जाने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ फिलहाल राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते हैं।

गौरतलब है कि 24 जून को जून मालिया का जन्मदिन था। पिछले कई वर्षों से इस अवसर पर मेदिनीपुर नगरपालिका की ओर से पूरे जून महीने में शहर के 25 वार्डों में 25 रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते थे, लेकिन इस बार यह कार्यक्रम नहीं हुआ।

सोमवार को जून मालिया के करीबी माने जाने वाले मेदिनीपुर नगरपालिका के चेयरमैन सौमेन खान ने बताया कि इस बार रक्तदान शिविर स्थगित रखा गया है। हालांकि कारणों पर उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की व्यस्तता के कारण आयोजन नहीं हो सका। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जून मालिया महीने के अंत तक मेदिनीपुर आ सकती हैं।

इधर, जून मालिया के समर्थक और खड़गपुर के पूर्व विधायक प्रदीप सरकार कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुकी हैं। वहीं, छात्र और युवा नेताओं का कहना है कि वे फिलहाल परिस्थितियों को देखते हुए राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते हैं।

पश्चिम मेदिनीपुर जिला तृणमूल कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष अजीत मैती ने इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह फिलहाल अस्वस्थ हैं और स्वस्थ होने के बाद ही राजनीति पर कुछ कहेंगे।

खड़गपुर सदर के विधायक एवं राज्य मंत्री दिलीप घोष ने तंज कसते हुए कहा कि सब लोग भाग रहे हैं, कोई अंडा खाना नहीं चाहता।

उधर मेदिनीपुर जिला भाजपा के प्रवक्ता अरूप दास ने जून मालिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव परिणाम आने से पहले उन्होंने जश्न मनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब विरोध के डर से मेदिनीपुर आने से बच रही हैं।

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