पश्चिम बंगाल

MC नेता कुणाल घोष ने MGNREGA और SIR प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल

SHIDDHANT
18 Dec 2025 9:59 PM IST
MC नेता कुणाल घोष ने MGNREGA और SIR प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल
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Bangal बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, जिसे आमतौर पर MGNREGA के तहत लागू किया जाता है, और SIR (सर्वे ऑफ इंडियन रिज़िडेंट्स) प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कुणाल घोष ने कहा कि इस बिल में महात्मा गांधी का नाम पूरी तरह हटा दिया गया है। उन्होंने बताया, “MGNREGA से पहले केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी का नाम हटाकर ‘पूज्य बापू’ करने की कोशिश की थी, लेकिन अब उन्होंने महात्मा गांधी के नाम को पूरी तरह से हटा दिया है। यह न केवल हमारे राष्ट्रपिता के सम्मान के खिलाफ है, बल्कि भारत की आत्मा के लिए भी अपमानजनक है।”
उन्होंने आगे कहा कि पहले इस योजना की फंडिंग पूरी तरह केंद्र सरकार करती थी, लेकिन अब राज्य सरकारों को इसका 40 प्रतिशत हिस्सा देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार हमारी हक की राशि तक नहीं देती। कुणाल ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी हमारे राष्ट्रपिता हैं और उनके नाम को हटाना भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक भावना के खिलाफ है। SIR प्रक्रिया को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें भाजपा के दबाव में जल्दबाजी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि “इस प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां हुई हैं। हमारी पार्टी इस पर पूरी तरह सक्रिय है और हम हर बूथ पर काम कर रहे हैं, ताकि वास्तविक मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में शामिल किए जा सकें, जिन्हें गलत तरीके से हटा दिया गया है।”
कुणाल घोष ने कहा कि यह कदम केवल मतदाता अधिकारों के हनन की दिशा में ही नहीं है, बल्कि राजनीतिक असमानता पैदा करने वाला भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि TMC हर स्तर पर लोगों को जागरूक कर रही है और इस प्रक्रिया के खिलाफ कदम उठाए जा रहे हैं। TMC के अनुसार, SIR की गलत सूची और नामों के हटाए जाने से कई आम नागरिक, विशेषकर गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग, अपने मतदाता अधिकार और सरकारी सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं। पार्टी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो।
इस बीच, उन्होंने कहा कि राज्य में पार्टी कार्यकर्ता और जिला स्तर पर टीमें लगातार वास्तविक मतदाताओं की मदद कर रही हैं, ताकि कोई भी नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि गलतियाँ सुधारने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएं और राज्य के नागरिकों के हक को सुनिश्चित किया जाए। TMC नेता के इस बयान से स्पष्ट है कि MGNREGA में महात्मा गांधी का नाम हटाने और SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक बहस पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच और तेज़ होने की संभावना है।
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