पश्चिम बंगाल

बंगाल में जिलों की संख्या बढ़ाएगी ममता सरकार, केंद्र से मांगे और IAS, IPS अधिकारी

Subhi
20 April 2022 2:39 AM GMT
बंगाल में जिलों की संख्या बढ़ाएगी ममता सरकार, केंद्र से मांगे और IAS, IPS अधिकारी
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पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को और अधिक राज्य सिविल सेवा और आईपीएस अधिकारियों के लिए रिक्तियों को बढ़ाने का फैसला किया है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को और अधिक राज्य सिविल सेवा और आईपीएस अधिकारियों के लिए रिक्तियों को बढ़ाने का फैसला किया है। इसने सभी अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकियों पर मौजूद पार्किंग स्थल को अपने अंडर में लेने का भी फैसला किया, जो वर्तमान में स्थानीय पंचायतों या नागरिक निकायों के नियंत्रण में हैं। बंगाल में जिलों की संख्या बढ़ाने की योजना, और आईएएस, आईपीएस अधिकारियों की मांग करेगी सरकार

पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को केन्द्र से इस बात का अनुरोध करने संबंधी पत्र लिखने का फैसला कि राज्य प्रशासन जिलों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहा है तो ऐसे में राज्य के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (पीसीएस) के अधिकारियों की संख्या बढ़ाई जाए।

राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी ने दावा किया कि कुछ पड़ोसी राज्यों में, जो पश्चिम बंगाल से छोटे हैं उनमें इस राज्य की तुलना में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की संख्या अधिक है।

चटर्जी ने कहा कि प्रशासन को अधिक कुशलता से चलाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (डब्ल्यूबीसीएस) और पुलिस सेवा (डब्ल्यूबीपीएस) के अधिकारियों की भर्ती के लिए अधिकारियों की एक समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

नबन्ना में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद परिवहन मंत्री फिरहाद हकीम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, "सरकार के पास बड़ी संख्या में आईएएस और आईपीएस पद खाली हैं। चूंकि केंद्र सरकार रिक्तियों को नहीं भर रही है, इसलिए जिलों की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकती है।'

उन्होंने कहा, "इसलिए, हमने राज्य सिविल सेवा और पुलिस अधिकारियों के लिए रिक्तियों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।" चटर्जी ने कहा, "मुख्य सचिव जल्द ही केंद्र को पत्र लिखकर आईएएस और आईपीएस के रिक्त पदों को तत्काल भरने का अनुरोध करेंगे।"

हाकिम, जो कोलकाता के मेयर भी हैं, ने कहा, "राज्य मंत्रिमंडल ने सभी पार्किंग टर्मिनलों के साथ-साथ उनके कर्मचारियों को भी अपने अंडर में लेने का फैसला किया है। कर्मचारियों को संविदा के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। पार्किंग शुल्क संरचना को सरल बनाया जाएगा, जबकि जल्द खराब होने वाले सामानों को ले जाने वाले ट्रकों को जल्दी छोड़ा जाएगा।"

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