पश्चिम बंगाल

ममता बनर्जी ने पहली सार्वजनिक रैली में कहा- जीवित रही तो BJP को केंद्र से हटाऊंगी

Kavita2
3 Jun 2026 1:50 PM IST
ममता बनर्जी ने पहली सार्वजनिक रैली में कहा- जीवित रही तो BJP को केंद्र से हटाऊंगी
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West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद पहली बार किसी सार्वजनिक विरोध रैली में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने केंद्र में भाजपा सरकार के खिलाफ कड़ा हमला बोला और कहा कि यदि वह जीवित रहीं तो केंद्र से भाजपा को अवश्य हटाएंगी।

रैली के दौरान ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने और राजनीतिक रूप से रोकने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "देखिए आपने किसे जिम्मेदारी दी है। देखिए पश्चिम बंगाल में क्या हो रहा है।"

ममता ने केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए सभी भाजपा विरोधी दलों से हाथ मिलाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल बंगाल तक सीमित नहीं रहेंगी बल्कि पूरे देश में भाजपा सरकार को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।

टीएमसी प्रमुख ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यशैली के कारण देश की राजनीति में अस्थिरता बढ़ रही है। उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि विपक्षी पार्टियों को मिलकर ही भाजपा को सत्ता से हटाने का प्रयास करना होगा। ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को प्रेरित करते हुए जोर दिया कि वह पीछे नहीं हटें और लोकतंत्र के लिए संघर्ष जारी रखें।

राजधानी कोलकाता की सड़कों पर आयोजित इस विरोध रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। उन्होंने ममता बनर्जी के भाषण का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारों की गूंज फैलायी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी की यह पहली सार्वजनिक रैली उनके रुझान और आगामी राजनीतिक रणनीतियों का संकेत है। इस रैली के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि टीएमसी केवल बंगाल तक सीमित नहीं है बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाने की योजना बना रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा द्वारा लागू की जा रही नीतियों से सामान्य जनता प्रभावित हो रही है और देश में असंतोष फैल रहा है। उन्होंने विपक्षी पार्टियों से एकजुट होकर देश में लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।

विशेषज्ञों का कहना है कि ममता बनर्जी की इस रैली और उनके आक्रामक रुख से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ सकती है। आगामी महीनों में टीएमसी की गतिविधियों और भाजपा विरोधी गठजोड़ पर राजनीतिक नजरें जमी हुई हैं।

ममता का यह भाषण उनके समर्थकों में उत्साह और नई राजनीतिक ऊर्जा भरने वाला माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी तरह की समझौता या पीछे हटने वाली नहीं है और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।

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