पश्चिम बंगाल

नंदीग्राम में फिर ममता बनाम BJP उपचुनाव से पहले बढ़ा सियासी सस्पेंस

nidhi
10 Sept 2026 9:12 AM IST
नंदीग्राम में फिर ममता बनाम BJP उपचुनाव से पहले बढ़ा सियासी सस्पेंस
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नंदीग्राम या रेजीनगर कहां से चुनाव लड़ेंगी ममता बनर्जी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी खुद चुनावी मैदान में उतरेंगी। अगर वह चुनाव लड़ती हैं तो उनके सामने नंदीग्राम और रेजीनगर के रूप में दो संभावित विकल्प हैं। हालांकि ममता बनर्जी या उनके खेमे की ओर से अभी किसी सीट से उनकी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। निर्वाचन आयोग ने नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को मतदान कराने का कार्यक्रम घोषित किया है। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं, जबकि 19 सितंबर नाम वापस लेने की अंतिम तारीख है।

नंदीग्राम से फिर मैदान में उतरेंगी ममता?
सबसे ज्यादा चर्चा नंदीग्राम सीट की है। यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के कारण खाली हुई है। 2026 विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से भी जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखी और नंदीग्राम छोड़ दी, जिसके कारण यहां उपचुनाव हो रहा है। नंदीग्राम का ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर में खास महत्व है। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने यहां शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन हार गई थीं। अब पार्टी के अंदर से ही उन्हें दोबारा नंदीग्राम के मैदान में उतरने की चुनौती मिल रही है।
तृणमूल नेता अबु ताहिर ने साफ कहा है कि वह खुद नंदीग्राम से चुनाव नहीं लड़ना चाहते और ममता बनर्जी को यहां से मैदान में उतरना चाहिए। उनका कहना है कि जब पार्टी अच्छे दौर में थी तब ममता ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, इसलिए मौजूदा मुश्किल समय में भी उन्हें खुद यहां से लड़ना चाहिए।
बागी गुट ने दिया बड़ा प्रस्ताव
तृणमूल के बागी गुट ने भी ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। गुट के प्रवक्ता रिजु दत्ता ने कहा कि अगर ममता नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं तो उनका खेमा यहां अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा। बागी विधायक मदन मित्रा ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। इस प्रस्ताव को राजनीतिक चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है क्योंकि तृणमूल के दोनों गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग में विवाद चल रहा है। आयोग ने दोनों गुटों को 12 सितंबर को बातचीत के लिए बुलाया है।
रेजीनगर भी बन सकता है विकल्प
ममता बनर्जी के लिए दूसरा संभावित विकल्प रेजीनगर है। यह सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के कारण खाली हुई है। कबीर ने 2026 विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नौदा दोनों सीटें जीती थीं और बाद में नौदा को बरकरार रखा।
इससे पहले हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को रेजीनगर से विधानसभा पहुंचाने का प्रस्ताव भी दिया था। उन्होंने दावा किया था कि यदि ममता यहां से चुनाव लड़ना चाहें तो वह उनकी जीत में मदद कर सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर ममता बनर्जी के अगले कदम पर है। नंदीग्राम राजनीतिक प्रतिष्ठा की बड़ी लड़ाई बन सकता है, जबकि रेजीनगर को तुलनात्मक रूप से अलग राजनीतिक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। नामांकन की समयसीमा नजदीक आने के साथ तस्वीर जल्द साफ होने की उम्मीद है।
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