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पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रहे राजनीतिक संकट के बीच पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव में ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए। ममता बनर्जी ने शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए कहा कि चुनाव के दौरान उनके काउंटिंग एजेंट्स को मतगणना केंद्रों से जबरन बाहर निकाला गया या डराया-धमकाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और वोटिंग डेटा में भी गड़बड़ी की गई। उनके अनुसार, यह जनता का असली जनादेश नहीं है, बल्कि सरकारी मशीनरी और तकनीक का दुरुपयोग कर “चुराया गया जनादेश” है।
इसी बीच टीएमसी में अंदरूनी संकट भी गहराता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के कई विधायक बागी खेमे के साथ जा चुके हैं। इसी क्रम में चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी अपने पद से इस्तीफा देकर बागी गुट के साथ बैठक की है, जिससे पार्टी नेतृत्व पर दबाव और बढ़ गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, ताकि टीएमसी को कमजोर किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर मचे संकट से ध्यान हटाने के लिए ईवीएम और काउंटिंग मुद्दे को उठाया गया है।
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी पहले चुनाव आयोग से मतदान के दौरान सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की थी, ताकि पारदर्शिता सामने आ सके। इस पूरे विवाद के बीच राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में झुकने वाली नहीं हैं और इस कथित चुनावी हेरफेर के खिलाफ अदालत से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ेंगी।
पार्टी के अंदर चल रहे इस संकट और आरोप-प्रत्यारोप के बीच बंगाल की राजनीति में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।





