पश्चिम बंगाल

बंगाल चुनाव के CCTV फुटेज बचाने की ममता बनर्जी की मांग

Ratna Netam
1 Oct 2026 8:21 PM IST
बंगाल चुनाव के CCTV फुटेज बचाने की ममता बनर्जी की मांग
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नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर अपना हमला तेज कर दिया। नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मांग की कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी निर्वाचन क्षेत्रों के CCTV और वीडियो फुटेज को सुरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों यानी EVM में कथित गड़बड़ी और अपने चुनाव एजेंटों को मतदान तथा मतगणना प्रक्रिया से दूर रखने के आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और चुनाव आयोग ने EVM की सुरक्षा तथा चुनाव प्रक्रिया को लेकर विस्तृत सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला दिया है।
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने लोगों को उनके मतदान अधिकारों से वंचित करने का काम किया। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से संबंधित वीडियो और CCTV रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग करते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव के दौरान हुई कथित घटनाओं के प्रमाण देखना चाहती है।
TMC प्रमुख ने दावा किया कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में उनकी पार्टी के उम्मीदवार शुरुआती चरणों में आगे चल रहे थे, लेकिन बाद में स्थिति बदल गई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों ने कुछ स्थानों पर TMC एजेंटों को प्रवेश करने से रोका और CCTV कैमरों को भी प्रभावित किया गया। ये ममता बनर्जी के आरोप हैं और इन घटनाओं पर कोई अंतिम न्यायिक या स्वतंत्र निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
उन्होंने EVM को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान EVM को कथित रूप से “हैक” किया गया और मतगणना प्रक्रिया पर नियंत्रण कर चुनाव परिणाम प्रभावित किए गए। चुनाव आयोग का आधिकारिक रुख इससे अलग है। आयोग अपने EVM संबंधी दिशा-निर्देशों में कहता है कि मतदान मशीनों की पूरी प्रक्रिया उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होती है। मतदान के बाद EVM को सीलबंद कर स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है, जहां 24 घंटे CCTV निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था रहती है।
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार मतदान, मतगणना, EVM-VVPAT की तैयारी और दूसरी महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रियाओं की CCTV या वीडियोग्राफी को सामान्य स्थिति में परिणाम घोषित होने के 45 दिन तक सुरक्षित रखा जाता है। यदि चुनाव याचिका, शिकायत या दूसरी कानूनी कार्यवाही लंबित हो तो संबंधित रिकॉर्ड को आगे भी सुरक्षित रखा जा सकता है। चुनाव प्रचार की निगरानी के लिए बनाई गई कुछ वीडियो रिकॉर्डिंग को आठ महीने तक रखने का प्रावधान है।
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पहली बार राज्य में बहुमत हासिल किया था। चुनाव आयोग के आधिकारिक परिणामों के मुताबिक घोषित 293 सीटों में बीजेपी ने 207 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस ने दो सीटें जीतीं। इन नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी।
चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी और उनकी पार्टी लगातार चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची संशोधन और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाती रही हैं। हाल के दिनों में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी तेज की है। ममता ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया का इस्तेमाल उनकी पार्टी के समर्थकों के नाम हटाने के लिए किया गया। चुनाव आयोग और बीजेपी इन आरोपों को स्वीकार नहीं करते।
गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे। ममता ने कहा कि उनकी पार्टी ने चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान अपनी शिकायतें आयोग के सामने रखी थीं। उन्होंने दावा किया कि इन शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी पार्टी ने न्यायिक मंचों का रुख किया है।
ममता बनर्जी ने जून में कोलकाता के अलीपुर इलाके में एक सरकारी इमारत में लगी आग का मामला भी उठाया, जहां EVM रखे होने की बात सामने आई थी। उन्होंने इस घटना को भी अपने चुनाव संबंधी आरोपों से जोड़ने की कोशिश की। हालांकि आग की घटना की जांच के लिए कोलकाता पुलिस ने विशेष जांच दल बनाया था और इसके कारणों को लेकर जांच अलग विषय है।
TMC प्रमुख ने पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया गया। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर चुनाव आयोग के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सभी मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई थी। आयोग ने कहा था कि महत्वपूर्ण चुनावी घटनाओं की वीडियोग्राफी होगी और EVM के भंडारण तथा मतगणना जैसी प्रक्रियाओं की निगरानी के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
ममता बनर्जी का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी INDIA गठबंधन भी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहा है। ममता ने ज्ञानेश कुमार पर लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक जवाबदेही के लिए सुरक्षित रहने चाहिए।
फिलहाल ममता बनर्जी की ओर से लगाए गए EVM हैकिंग, चुनाव एजेंटों को रोकने और CCTV प्रभावित करने के आरोप राजनीतिक दावे हैं। चुनाव परिणाम चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए जा चुके हैं और बीजेपी ने राज्य में बहुमत हासिल किया है। अब TMC की मांग मुख्य रूप से चुनावी रिकॉर्ड और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी उसकी शिकायतों की जांच कराने पर केंद्रित है।
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