पश्चिम बंगाल

नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा उलटफेर, ममता के समर्थन के बाद कांग्रेस उम्मीदवार गिरफ्तार

Kavita2
20 Sept 2026 11:38 AM IST
नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा उलटफेर, ममता के समर्थन के बाद कांग्रेस उम्मीदवार गिरफ्तार
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। पहले ममता बनर्जी के खेमे के उम्मीदवार ने नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। इसके कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान को पुराने मामलों में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने नंदीग्राम की चुनावी लड़ाई को और चर्चा में ला दिया है।

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होना है। यह सीट पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी अहम मानी जाती है। नंदीग्राम लंबे समय से राज्य की सियासत का केंद्र रहा है और यहां होने वाले चुनावों पर राजनीतिक दलों की विशेष नजर रहती है।

ममता खेमे के उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन

उपचुनाव की तैयारियों के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया। यह कदम विपक्षी एकजुटता के नजरिए से महत्वपूर्ण माना गया।

ममता बनर्जी की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने के बाद चुनावी समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, इसके तुरंत बाद कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।

पुराने मामलों में हुई गिरफ्तारी

कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने पुराने मामलों के संबंध में गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ पुराने मामलों में लंबित गैर-जमानती वारंट थे। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने उन्हें 3 अक्टूबर तक हिरासत में भेजा है, जबकि चुनाव प्रचार का अंतिम दिन 4 अक्टूबर है।

पुलिस का कहना है कि ये मामले वर्ष 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े हैं। इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, हथियार कानून और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है। वहीं मिलन प्रधान और उनके समर्थकों की ओर से इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने उम्मीदवार की गिरफ्तारी के समय और परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब मिलन प्रधान ने नामांकन दाखिल किया था, तब उनके खिलाफ यह कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन ममता बनर्जी के समर्थन की घोषणा के बाद गिरफ्तारी हुई। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया है।

हालांकि, पुलिस और अन्य पक्षों की ओर से कहा गया है कि कार्रवाई लंबित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। भाजपा ने भी इस मामले को कानून की प्रक्रिया बताया है और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से इनकार किया है।

नंदीग्राम में बढ़ा चुनावी तापमान

नंदीग्राम सीट पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है। यहां होने वाले उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबले पर नजर बनी हुई है। उम्मीदवारों से जुड़े हालिया घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।

ममता बनर्जी के खेमे की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला विपक्षी वोटों के समीकरण को प्रभावित करने वाला कदम माना जा रहा है। दूसरी ओर, उम्मीदवार की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दा बना रही है।

चुनाव आयोग और पार्टी पहचान का विवाद

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस की पहचान और चुनाव चिन्ह को लेकर भी विवाद सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। ममता खेमे को “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम दिया गया है, जबकि दूसरे गुट को अलग पहचान दी गई है।

इस बदलाव का असर उपचुनाव के प्रचार और मतदाताओं तक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर भी पड़ सकता है। राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से उठा रहे हैं।

आगे की रणनीति पर नजर

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह चुनाव अभियान जारी रखेगी। पार्टी का कहना है कि उम्मीदवार की गैरमौजूदगी में भी कार्यकर्ता प्रचार करेंगे। वहीं, कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

नंदीग्राम उपचुनाव अब केवल उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक रणनीति, गठबंधन और कानूनी मुद्दों के कारण भी चर्चा में है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार, अदालत की कार्यवाही और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं इस सीट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

फिलहाल नंदीग्राम में चुनावी मुकाबला कई घटनाक्रमों के बीच आगे बढ़ रहा है। एक ओर विपक्षी समर्थन का नया समीकरण बना है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है।

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