पश्चिम बंगाल

महुआ मोईत्रा के बयान से नया राजनीतिक विवाद

Ashish verma
27 Jun 2026 8:43 PM IST
महुआ मोईत्रा के बयान से नया राजनीतिक विवाद
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के स्कूलों में मिड-डे मील (PM-POSHAN) से अंडा हटाकर राजमा और सोयाबीन शामिल किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर टीएमसी सांसद महुआ मोईत्रा ने राज्य सरकार और विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला है।

महुआ मोईत्रा ने कहा कि बंगाल के स्कूलों में अंडे की जगह राजमा परोसा जाना समझ से परे है, क्योंकि राज्य में यह भोजन आम तौर पर नहीं खाया जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बंगालियों को पता भी है कि राजमा क्या होता है? उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुद राजमा के बारे में तब पता चला जब वह दिल्ली गई थीं। उन्होंने दावा किया कि अंडा बच्चों के लिए एक बेहतर प्रोटीन स्रोत है, जबकि सोयाबीन और राजमा को लेकर बच्चों की पसंद और स्वीकार्यता कम है। महुआ ने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों के पोषण और स्थानीय खानपान संस्कृति के साथ छेड़छाड़ कर रही है। उन्होंने सोयाबीन और राजमा को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि बच्चों को यह भोजन पसंद नहीं आता।

महुआ मोईत्रा ने कोलकाता नगर निगम (KMC) के स्कूलों में इस्कॉन (ISKCON) को मिड-डे मील की जिम्मेदारी देने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को इस्कॉन का खाना पसंद है, तो विधानसभा की कैंटीन भी उन्हें सौंप देनी चाहिए और विधायक खुद राजमा-चावल खा लें, लेकिन बच्चों की थाली से अंडा नहीं हटाया जाना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं का कहना है कि बच्चों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन देना सरकार की जिम्मेदारी है, जबकि कुछ ने इसे सांस्कृतिक और पोषण से जुड़ा मुद्दा बताया है।

सरकारी पक्ष का कहना है कि इस्कॉन को पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ स्कूलों में मिड-डे मील की जिम्मेदारी दी गई है ताकि बच्चों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। विवाद के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

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