पश्चिम बंगाल

महुआ मोइत्रा ने स्पीकर से मांगी महिला सांसदों के सम्मान की गारंटी

Kavita2
15 Aug 2026 3:47 PM IST
महुआ मोइत्रा ने स्पीकर से मांगी महिला सांसदों के सम्मान की गारंटी
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में सर्किट हाउस खाली करने को लेकर हुए विवाद के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने शनिवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने देश में महिला सांसदों की गरिमा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की है। मोइत्रा ने अपने पत्र में महिला जनप्रतिनिधियों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर चिंता जताई और संसद की गरिमा के अनुरूप उचित कदम उठाने का आग्रह किया।

यह मामला शुक्रवार रात उस समय सामने आया, जब कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र स्थित सर्किट हाउस के बाहर कुछ लोगों की भीड़ जमा हो गई और सांसद महुआ मोइत्रा से परिसर खाली करने की मांग करने लगी। भीड़ ने सर्किट हाउस के गेट के बाहर नारेबाजी भी की। इसके बाद यह मामला राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया।

महुआ मोइत्रा का आरोप है कि नादिया जिला प्रशासन की ओर से उन्हें देर रात स्थानीय सर्किट हाउस खाली करने का आदेश दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और कहा कि एक निर्वाचित महिला सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।

शनिवार को लोकसभा स्पीकर को लिखे पत्र में मोइत्रा ने महिला सांसदों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। खासकर महिला सांसदों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और सम्मान जरूरी है।

मोइत्रा ने अपने पत्र में इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने संसदीय क्षेत्रों में काम करने के दौरान इस तरह की परिस्थितियों का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि महिला सांसदों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि एक निर्वाचित सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

दूसरी ओर, प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सर्किट हाउस खाली कराने के आदेश और इसके पीछे के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। मामले की पूरी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद हैं और संसद में मुखर वक्ता के रूप में जानी जाती हैं। इससे पहले भी वह कई राजनीतिक और सार्वजनिक मुद्दों को लेकर चर्चा में रही हैं।

इस घटना के बाद महिला जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी इस मामले पर प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।

लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में मोइत्रा ने उम्मीद जताई कि संसद महिला सांसदों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए।

फिलहाल नादिया सर्किट हाउस विवाद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय और प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी जाती है।

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