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मालदा में वाम मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन, गंगा कटाव को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग

MALDA मालदा: वाम मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मालदा शहर के ग्रीन पार्क इलाके में सिंचाई विभाग के सामने जोरदार जुलूस निकाला। जुलूस का मुख्य उद्देश्य गंगा और फुलहर नदी में हो रहे लगातार कटाव को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए भूमि उपलब्ध कराने और भुटनी क्षेत्र में एक स्थायी बांध के निर्माण जैसी मांगों को उठाना था।
प्रदर्शन के दौरान वाम मोर्चा के नेता और कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी झंडे लिए हुए थे। हालांकि मौके पर पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था और गेट पर बैरिकेड लगाए गए थे, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटा दिए और कार्यालय के लोहे के मुख्य द्वार को तोड़कर अंदर घुस गए। इसके बाद उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सौंपा। इस मौके पर पूर्व सिंचाई मंत्री सुभाष नस्कर, वाम मोर्चा नेता शतरूप घोष, कौशिक मिश्रा, अंबर मित्रा और देबज्योति सिन्हा समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे। नेताओं ने कहा कि गंगा और फुलहर नदी के लगातार कटाव से मालदा जिले के कई इलाके प्रभावित हो रहे हैं। लोग अपनी खेती की जमीन, मकान और आजीविका गंवाकर खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं।
वाम मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार कोई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार राज्य का दौरा कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने कभी गंगा कटाव की समस्या पर चर्चा नहीं की। नेताओं का कहना था कि कटाव की वजह से कई गांव पूरी तरह से नदी में समा चुके हैं और अगर शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में लाखों लोगों का जीवन संकट में पड़ जाएगा। जिला वाम मोर्चा ने कहा कि उनकी प्राथमिक मांग है कि गंगा कटाव को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत और मुआवजा मिल सके। साथ ही पुनर्वास के लिए भूमि आवंटन और भुटनी इलाके में स्थायी बांध का निर्माण कर लोगों को सुरक्षित किया जाए।
नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उन हजारों किसानों और गरीब परिवारों की आवाज है, जिनकी जिंदगी हर साल गंगा और फुलहर नदी के कटाव से तबाह हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद वाम मोर्चा के नेताओं ने आश्वासन दिया कि वे कटाव प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर लगातार सड़क पर रहेंगे और उनकी आवाज उठाते रहेंगे।





