पश्चिम बंगाल

Kolkata: पश्चिम बंगाल में साइबर अपराध से निपटने के लिए हर थाने में सहायता कक्ष

Admindelhi1
3 July 2026 12:11 PM IST
Kolkata: पश्चिम बंगाल में साइबर अपराध से निपटने के लिए हर थाने में सहायता कक्ष
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महिला सुरक्षा को मिलेगा नया कवच, बनेगा 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड'

कोलकाता: राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नवान्न से राज्यव्यापी कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए हर थाने में साइबर अपराध सहायता कक्ष शुरू करने और प्रत्येक अनुमंडल में महिला सुरक्षा के लिए 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' गठित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अब सभी थानों में साइबर अपराध सहायता कक्ष संचालित होंगे। इसके अलावा साइबर अपराध की निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक या पुलिस महानिरीक्षक स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। यह अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ समन्वय बनाकर पूरे राज्य के साइबर पुलिस थानों और सहायता कक्षों की निगरानी करेगा। सरकार ने इस व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करने का भी निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी संदेश भेजकर बैंक खातों से धन निकासी, डिजिटल गिरफ्तारी जैसे साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक रणनीति अपनाई जाएगी।

महिला सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य के 500 थानों में प्रारंभिक चरण में महिला सहायता कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं। इन सहायता कक्षों में प्रशिक्षित महिला पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगी, ताकि महिलाएं किसी भी अपराध की शिकायत बिना किसी संकोच के दर्ज करा सकें। साथ ही प्रत्येक अनुमंडल में 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' का गठन किया जाएगा, जो महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष रूप से कार्य करेगा।

आपातकालीन पुलिस सेवा को अधिक प्रभावी बनाने पर भी सरकार ने जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में आपातकालीन नंबर पर सूचना मिलने के बाद औसतन 6 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंच जाती है, जबकि पश्चिम बंगाल में यह समय औसतन 3 घंटे है। इस अंतर को कम करने के लिए सरकार आगामी बजट में 112 आपातकालीन सेवा के लिए वाहनों की संख्या बढ़ाएगी, ताकि लोगों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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