पश्चिम बंगाल

Kolkata: सलीम का बयान सोशल मीडिया पर वायरल

Admindelhi1
21 Feb 2026 11:07 AM IST
Kolkata: सलीम का बयान सोशल मीडिया पर वायरल
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माकपा) के युवा नेता और राज्य समिति सदस्य प्रतिकुर रहमान के इस्तीफे ने नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर जारी अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आए हैं और इसे संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

शुक्रवार को इस मुद्दे पर पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि रहमान के इस्तीफे पर अंतिम निर्णय पार्टी के संविधान के अनुसार लिया जाएगा। उन्होंने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी किसी नए चेहरे को तैयार करने के लिए संघर्ष, आंदोलन और अभियानों में व्यापक निवेश करती है और रहमान के मामले में भी ऐसा ही हुआ। सलीम ने कहा कि उनका इस्तीफा मिलना “संतान को खोने जैसा दर्दनाक” है तथा पार्टी चाहती है कि इस निवेश का लाभ अंततः जनता और वर्ग संघर्ष को मिले।

इस्तीफा देने वाले युवा नेता प्रतिकुर रहमान ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विचारधारा और सिद्धांतों पर खुलकर बात करने के कारण उन्हें संगठन के भीतर अलग-थलग किया गया और ‘कोने में धकेले जाने’ की स्थिति का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन में अपनी बात रखने के बावजूद अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, जिसके चलते उन्हें सदस्यता छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा।

रहमान ने राज्य सचिव मोहम्मद सलीम की आलोचना करते हुए निलंबित ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर के साथ उनकी मुलाकात पर भी सवाल उठाए। कबीर हाल में मुर्शिदाबाद में एक मस्जिद के शिलान्यास को लेकर विवादों में रहे हैं, जिसे बाबरी मस्जिद के मॉडल पर बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई थी।

रहमान का आरोप है कि जब उन्होंने सिद्धांतों के आधार पर सवाल उठाए तो उन्हें अपमानित किया गया, जबकि नेतृत्व से जुड़े व्यक्तियों की विवादित मुलाकातों पर कोई सवाल नहीं उठाया गया।

इस्तीफे के पीछे वैचारिक मतभेद को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। रहमान का कहना है कि हाल के दिनों में राज्य और जिला नेतृत्व की रणनीतियों के साथ वे तालमेल नहीं बिठा पा रहे थे। संगठनात्मक स्तर पर उपेक्षा का मुद्दा भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले में पिछले लगभग एक वर्ष से उन्हें हाशिए पर रखा गया, जिससे वे निराश थे।

इस्तीफे के बाद उनके तृणमूल में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं, हालांकि उन्होंने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, माकपा नेतृत्व स्तर पर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रहा है और आने वाले दिनों में आधिकारिक रुख सामने आ सकता है।

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