पश्चिम बंगाल

Kolkata: तिलजला अग्निकांड मामले में अधिकारी सस्पेंड, लापरवाही पर प्रशासन सख्त

Admindelhi1
14 May 2026 3:35 PM IST
Kolkata: तिलजला अग्निकांड मामले में अधिकारी सस्पेंड, लापरवाही पर प्रशासन सख्त
x

कोलकाता: तिलजला के तपसिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पश्चिम बंगाल दमकल विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रगति मैदान दमकल केंद्र के स्टेशन अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी गौतम दास को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

बुधवार रात को राज्य के दमकल एवं आपातकालीन सेवा विभाग के महानिदेशक की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया कि प्रगति मैदान दमकल केंद्र में निगरानी, निरीक्षण और अग्नि सुरक्षा कानूनों के पालन को लेकर गंभीर लापरवाही पाई गई है। इसी कारण गौतम दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है। विभाग को एक महीने के भीतर जांच पूरी करने को कहा गया है।

अधिसूचना के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान गौतम दास को दमकल विभाग के मुख्यालय में रहना होगा। विभाग की अनुमति के बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार दोपहर तपसिया स्थित 50/1 जीजे खान रोड पर एक बहुमंजिली इमारत की दूसरी मंजिल में संचालित चमड़ा कारखाने में आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। हादसे के समय कारखाने में काम कर रहे पांच से छह लोग अंदर फंस गए थे।

स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाई हुई। बाद में दमकलकर्मियों ने सभी को गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में बाहर निकाला और कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।

अग्निकांड के बाद राज्य सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश के कुछ घंटों बाद ही संबंधित बहुमंजिली इमारत को तोड़ने के लिए जेसीबी मशीन पहुंच गई। सरकार का दावा है कि इमारत अवैध रूप से निर्मित थी।

मुख्यमंत्री ने कसबा, तिलजला, मोमिनपुर और एकबालपुर समेत शहर के विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माणों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे निर्माणों की बिजली और पानी की आपूर्ति काटने का आदेश भी दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अवैध निर्माण के मामले में उनकी सरकार “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाएगी।

Next Story