पश्चिम बंगाल

Kolkata: आरजी कर पीड़िता के माता-पिता को लेकर निर्मल घोष का बयान, मचा राजनीतिक घमासान

Admindelhi1
29 Aug 2026 7:03 PM IST
Kolkata: आरजी कर पीड़िता के माता-पिता को लेकर निर्मल घोष का बयान, मचा राजनीतिक घमासान
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पीड़िता के माता-पिता पर टिप्पणी कर घिरे पूर्व विधायक निर्मल घोष

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सक की हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में आरोपी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पानीहाटी के पूर्व विधायक निर्मल घोष ने पीड़िता के माता-पिता को लेकर विवादित और आक्रामक टिप्पणी की है। शनिवार को खड़दह से बैरकपुर अनुमंडल अदालत में पेशी के दौरान पत्रकारों से बातचीत में पूर्व विधायक ने दावा किया कि राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें पूरी तरह झूठे और षड्यंत्रकारी मामले में फंसाया गया है।

घोष ने आरोप लगाया कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और इस पूरी प्रक्रिया के पीछे पीड़िता के माता-पिता का सत्ता का लालच और अहंकार जिम्मेदार है।

पत्रकारों ने जब उनसे शव का जल्द अंतिम संस्कार किए जाने से जुड़े आरोपों के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि घटना से उनका कोई संबंध नहीं था और वह वहां केवल श्मशान बंधु के रूप में गए थे। उनके अनुसार, शव परीक्षण से लेकर अंतिम संस्कार तक पूरी प्रक्रिया सरकार की ओर से संचालित की गई थी और इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

इसके बाद पीड़िता के माता-पिता पर निशाना साधते हुए घोष ने कहा कि चार मई को राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद सत्ता के अहंकार और लालच में वे मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून और अदालत की प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए झूठे उकसावे के जरिए उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

आरजी कर मामले में युवा महिला चिकित्सक की हत्या और कथित साक्ष्य मिटाने के आरोपों को लेकर निर्मल घोष का नाम सामने आया था। पुरी से गिरफ्तारी के बाद से वह कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन पर शव का जल्द अंतिम संस्कार कराने और कथित तौर पर साक्ष्य दबाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनके खिलाफ जमानती प्रावधानों के तहत कुल नौ धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

मामले की शुरुआती सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ताओं ने उनकी उम्र और वृद्धावस्था से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी। हालांकि, उस समय अदालत परिसर के बाहर उनके खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था।

पिछली बार अदालत में पेशी के दौरान खड़दह थाना और अदालत परिसर में लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

जब पुलिस सुरक्षा के बीच सिर पर हेलमेट पहनाकर निर्मल घोष को बाहर लाया गया, तब आक्रोशित लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें घेरने की कोशिश की। इस दौरान उन पर अंडे और जूते फेंके गए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि उनके साथ मारपीट और जूतों की माला पहनाने जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं।

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