पश्चिम बंगाल

Kolkata: एथेनॉल ब्लेंडिंग से पर्यावरण संरक्षण और किसानों को आर्थिक मजबूती : बजोरिया

Admindelhi1
5 July 2026 4:13 PM IST
Kolkata: एथेनॉल ब्लेंडिंग से पर्यावरण संरक्षण और किसानों को आर्थिक मजबूती : बजोरिया
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प्रदूषण नियंत्रण के साथ किसानों की आय बढ़ाने में कारगर होगा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल

कोलकाता: एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने और इसके लाभों की जानकारी देने के उद्देश्य से शनिवार को कोलकाता प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से पर्यावरण, किसानों, वाहन मालिकों और देश की ऊर्जा सुरक्षा को होने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के पूर्वी क्षेत्र के ग्राहक सेवा महाप्रबंधक समीर रोहतगी, इंडियन ऑयल डीलर्स फोरम, पश्चिम बंगाल के सचिव कुशल बजोरिया तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं उद्यमी दिलीप लोयलका ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रेस सूचना ब्यूरो, कोलकाता की महानिदेशक जेन नामचू ने वक्ताओं का परिचय कराते हुए की।

समीर रोहतगी ने कहा कि ई-20 पेट्रोल को लेकर लोगों में कई तरह की गलतफहमियां हैं, जबकि आधुनिक वाहनों को इस ईंधन के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग करने से इंजन को कोई नुकसान नहीं होता। इसके विपरीत इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है और देश स्वच्छ ईंधन की दिशा में आगे बढ़ता है। उन्होंने वाहन मालिकों से अफवाहों पर ध्यान न देकर वाहन निर्माता कंपनियों की सलाह का पालन करने की अपील की।

कुशल बजोरिया ने कहा कि भारत सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और किसानों को गन्ने सहित अन्य कृषि उपज के बेहतर मूल्य मिलने से उनकी आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध ई-20 पेट्रोल पूरी तरह मानकों के अनुरूप है और उपभोक्ता इसे बिना किसी संकोच के इस्तेमाल कर सकते हैं।

दिलीप लोयलका ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, हरित विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की दिशा में भारत तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने लोगों से वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करने और भ्रामक सूचनाओं से बचने की अपील की।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भारत सरकार की एथेनॉल मिश्रण योजना पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की समृद्धि और टिकाऊ विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है, जिसके बारे में लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

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