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Kolkata: बंगाल में तीसरे पक्ष की फॉर्म हेरफेर पर आयोग सख्त

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के पहले चरण के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की ओर से तीसरे पक्ष के जरिए एन्यूमरेशन फॉर्म वितरण की शिकायतें सामने आने पर निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारी के अनुसार, कुछ मामलों में बीएलओ के रिश्तेदारों को फॉर्म बांटते पाया गया है, जिनका संबंध स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़ा है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दासपुर विधानसभा क्षेत्र में एक बीएलओ ऋतुपर्णा हाजरा के खिलाफ शिकायत मिली कि उनके स्थान पर उनके पति असीम हाजरा, जो तृणमूल कांग्रेस नेता बताए जाते हैं, फॉर्म बांट रहे थे। शिकायत की पड़ताल के बाद बीएलओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
सूत्रों ने बताया कि ऐसे कुछ और मामलों की शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं और उनकी जांच जारी है। साथ ही, यह भी सामने आया है कि कुछ बीएलओ मतदाताओं के घर-घर जाने के बजाय किसी एक स्थान पर बैठकर लोगों से फॉर्म लेने आने को कह रहे हैं, जो आयोग के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध है। इस पर भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बीएलओ को चेतावनी जारी की है।
ज्ञात हो कि, एसआईआर प्रक्रिया राज्य में 04 नवम्बर से शुरू हुई है और मार्च 2026 तक पूरी होनी है। राज्य विधानसभा चुनाव भी अगले वर्ष निर्धारित हैं, ऐसे में आयोग मतदाता सूची को सटीक और निष्पक्ष रूप से अद्यतन करने पर विशेष जोर दे रहा है।





